I won’t take the pill
His answer to immortality may surprise you
Feb 18, 2026 · 2 hr 8 min · 31 segments
In this powerful and deeply reflective episode, Shekhar Natarajan sits down with Sonu Sood for an intimate conversation about humanity, compassion, leadership, and the future of technology. When the…
Shekhar NatarajanHostNo entities detected.
लग रहा है आपको लेकिन अब अब एक let's take a small fact about India and like how India is right now and मैं actually मैं खुद slum से हूं Hyderabad में। like तो मैं like you know I grew up in slums। जब मैं US गया था मैं $30 के साथ गया था। बहुत सारे लोगों ने अभी भी बहुत सारे लोग हैं जिनके साथ मैं पला-बढ़ा हूं। वहां पर ही है और ऐसे काफी सारे लोग हैं।जो थोड़ा अच्छा हुए like उनका थोड़ा अच्छा हुआ but like they are not like very very they are not settled as yet like my cousins and everyone right like you know they are like they are doing well but they are not doing exceptionally well right? तो if you take India stats एक point 1.4 billion लोग हैं हमारे। उसमें से 1.3 billion लोग are just surviving.
तो जो अंबानी साहब एक घंटे में बनाते हैं, कोई गरीब आदमी India में 420 साल लेता है बनाने के लिए। 420 साल। आप सोचो [हँसने की आवाज़] जो एक घंटा अंबानी साहब बनाते हैं। ordinary बंदा जो बहुत सारे लोग हैं, जो मेरे जैसे हैं। मुझे लग गया टुकका। लेकिन बहुत लोगों को नहीं लगता है। तो 90 percent are like actually barely surviving right as a society like India में। तो कभी मैं सोचता हूँ कि basically जो बंदा आपने जिनको save किया है वो 150 साल रह के क्या करेगा? वो उसका struggles continue होता रहेगा, होता रहेगा, होता रहेगा। वो बाहर आएगा भी कि नहीं आएगा। उसको क्या बताएंगे आप?
देखिए भाई मुझे लगता है ना कि जो struggle की परिभाषा है हर किसी के लिए अलग है। मैंने जैसे आपको बोला कि best of best गाड़ियों में घूमते हैं लेकिन कुछ नहीं है और कई छोटे से घर में आप गांव में चले जाओ बड़े खुश हैं। मैं पंजाब अभी floods में बहुत काम कर रहा था। तो मैं बहुत सारे villages में गया जिनके घर टूट गए थे, जिनकी भैंसें थी floods में बह गई थी और नाव से boats के through उनके घरों तक पहुंच रहे थे बड़ी मुश्किल से हम लोग। बीचोबीच ऐसा लग रहा था कि समंदर के बीच में एक उनका छोटा सा घर है कि चारों तरफ डूब गया था 15-15, 20-20 feet पानी उनके खेतों में आ गया था। जब आप उनके घर में जाते हो उनके पास कुछ नहीं है। लेकिन जैसे ही आप गए चेहरे पर लग मुस्कान। जैसे ही आएंगे आप क्या लेंगे? मैं दूध लेकर आता हूँ। मैं आपके लिए खाना लेकर आता हूँ। हम खाना उनके लिए लेकर जा रहे हैं वहां पर। वो बोलते हैं पहले नहीं हम आपको खाना खिला के भेजेंगे। so वो होता है, वो होती है असली अमीरी। वो होती है असली खुशी। फर्क नहीं पड़ता कि आप 25 हज़ार कमाते हैं और आपको कमाने में 420 साल लगे। मजा इस बात का है कि जो आप 25 हज़ार कमाते हैं, आप अपने परिवार के साथ enjoy करते हैं और आपको इच्छा है कि मैं और पैसे कमाऊं। लेकिन आप इस बात से नाखुश नहीं हैं कि वो नहीं कमा पा रहे। आप उतने ही मजे की सुकून की जिंदगी जीते हैं, बेहतर जीते हैं और विश्वास मानिए मैं पंजाब में, आंध्र, तेलंगाना, UP, बिहार हर जगह छोटे छोटे शहरों में जाता हूँ। वहां खुशियां ज्यादा है बड़े शहरों से। बड़े शहरों में चमक है। लेकिन कहीं ना कहीं बहुत चीजें missing है जो छोटे शहरों में 25 हज़ार कमाने वाला बिताता है। उसके मां बाप, उसके बच्चे, परिवार वाले हो सकता है शायद वो सोचते हैं कि यार मैं और हम लोग कमा पाएं। लेकिन उनके अंदर जब वो घर आता है, जो खुशी मिलती है, जो उनके चेहरे में सुकून मिलता है वो मुझे नहीं लगता कि 25 लाख कमाने वाले के अंदर कई बार होता होगा। so फर्क नहीं पड़ता कि number क्या है। फर्क ये है कि आप कितने खुश हैं। तो मैं हमेशा ये मानता रहूंगा कि वही हमेशा-
पर गरीब बंदा कैसा खुश रहेगा? क्योंकि आप सोचिए एक बार like 2004 में अगर आप आपका medical expense होता था ₹400 तो वो बन गया अभी-
उनका age मेरा age है 45 years है। उनको दो heart attack आए तो doctor ने बोल दिया भैया like आप जाइए आप injection लीजिए आपका hypertension काफी ज्यादा है। आपको डेढ़ लाख का injection। मैंने बोला डेढ़ लाख का क्या injection होता है भाई? और उनको लेना नहीं था वो injection। तो मैंने force किया। मैंने बोला हम लोग को injection लेना ही लेना है क्योंकि आपको लेना है doctor ने बोला है। doctor डरा देते हैं ना सबको।
[हँसने की आवाज़] आप मर जाओगे injection नहीं लगेगा तो। तो मैं खड़ा हुआ था line में और मेरे आगे बैठे हुए थे दो लोग जो लग रहे थे कि वो farmers हैं मध्य प्रदेश के। और ये है AIG hospital और-
हैदराबाद में। तो वो बंदा like जो बंदा बैठा हुआ था counter के पीछे वो बोल रहा था आपको आपका surgery हो जाएगा 60 lakhs.
और मैं सोच रहा हूँ ये बंदे के पास 60 lakhs कहाँ से आएगा? सोचिए 60 lakhs। वो कुछ तो गिरवी रखेगा। आपको बोल देगा कि आपकी बहन है, आपका भाई है, आपकी बीवी है। वो मरने वाले हैं। तो आपको क्या लगेगा? 60 lakhs भाड़ में गया। बच गया तो काफी है। कर्जा उठा लेते हैं। तो अभी if you look at India's कर्जा it's 5 trillion dollars.
बहुत ज्यादा कर्जा है वो। सारे ही plastic पर चलाते हैं। सारे ही सब कुछ like credit card पर चलता है। बहुत ज्यादा कर्जा हो गया। सबको कर्जा हो गया। दिखाने के लिए सबके पास car है लेकिन कर्जे पर ही चलता है सब कुछ। तो उन लोगों को क्या बताएंगे आप?
देखिए भाई जैसे आपने बोला कि 60 लाख का कर्जा आजकल तो injection 16 करोड़ का भी आता है।
SMA का injection हम लोग को support करते हैं उस चीज को 16 करोड़ का injection है SMA। SMA 2, 9 करोड़ का है। ये चार करोड़, पांच करोड़ की गरीब families हैं। और इकट्ठे हो जाते हैं पैसे।
16 crowd funding होती है। थोड़े सब लोग अपने level पर contribute करते हैं। So फिर भी इकट्ठे हो जाते हैं, बच जाते हैं बच्चे। काफी ज्यादा बच जाते हैं बच्चे। So idea यह है कि मैं यह cases हर रोज सुनता हूँ। आप मेरे साथ शाम को यहां चलेंगे मेरे घर के बाद। अभी मैं आपके पास आ रहा था। घर के बाद लोग खड़े थे। मैं कह नहीं मेरे को जल्दी जाना है। मेरे को पहुंचना है। मैं late हो रहा हूँ। पर खड़े हैं लोग एक उम्मीद के साथ कि भैया यार मेरे पास इतने कम हैं हो जाए और इससे बड़ी helplessness बेबसी नहीं हो सकती कि आपको पता है कि आप अपने परिवार के किसी सदस्य को बचा सकते हो लेकिन आपके पास पैसे नहीं हैं। वो इलाज करवाने के लिए। उससे बड़ी helplessness हो ही नहीं सकती कि आपको लगता है यार कहीं से आ जाएं पैसे और यार मैं मेरी mother, मेरी father को नया जीवन मिल जाएगा। नहीं तो चले जाएगी हाथ से। अब मैं लोगों से मिलता हूँ। वो कई बार explain भी नहीं कर पाते। वो बोल ही नहीं पाते। उनको शब्द ही नहीं है कि उसको कैसे phrase करें और बताएं कि कितना important। But इतने सालों से मैं इनको सुनता आया हूँ तो मुझे वो language समझ जाती है चाहे उनके पास शब्द ना हो। लेकिन जैसा आपने बोला कि वो जो gap है वो पैसा raise करने का, बचाने का या वो मिलने का। वो gap दिन पर दिन बढ़ता ही जाएगा।
यही number जो है अभी जो बताया है सोनू जी मैंने। यह पाँच गुना बढ़ा है। लोगों का यह मानना है कि यह 13 हज़ार गुना बढ़ेगा 20 साल में। 13 हज़ार गुना।
मैं बोल रहा हूँ। मैं बोलता हूँ कि बढ़ता ही जाएगा। इसमें फर्क नहीं पड़ने वाला। अब बीमारियां ज्यादा बढ़ेगी। पहले आपने कितनी बीमारियां सुनी थी जो आजकल आती हैं। हमने सुनी नहीं थी। वो पता चलनी शुरू हुई। Research हुई, उनके इलाज निकले, उनके रास्ते बने। So like I said कि जब volume of people increase होना शुरू होते हैं तो volume of problems also rise but also there will be volume of solutions that people will be working for। पर वो कशमकश जिंदगी लगी रहेगी। वो बोलते हैं ना अगर वो थोड़ा इधर खींचेगा, थोड़ा उधर खींचेगा। लेकिन survive वही करेगा जिसके अंदर वो ताकत होगी टिके रहने की। So टिका रहना important है। वो कहते हैं ना कि how long you can hold your breath under water then only you are going to survive। तो survival की दुनिया है। Survival का game है और जो survive कर गया वो है नहीं तो इतिहास है।
लग रहा है आपको लेकिन अब अब एक let's take a small fact about India and like how India is right now and मैं actually मैं खुद slum से हूं Hyderabad में। like तो मैं like you know I grew up in slums। जब मैं US गया था मैं $30 के साथ गया था। बहुत सारे लोगों ने अभी भी बहुत सारे लोग हैं जिनके साथ मैं पला-बढ़ा हूं। वहां पर ही है और ऐसे काफी सारे लोग हैं।जो थोड़ा अच्छा हुए like उनका थोड़ा अच्छा हुआ but like they are not like very very they are not settled as yet like my cousins and everyone right like you know they are like they are doing well but they are not doing exceptionally well right? तो if you take India stats एक point 1.4 billion लोग हैं हमारे। उसमें से 1.3 billion लोग are just surviving.
तो जो अंबानी साहब एक घंटे में बनाते हैं, कोई गरीब आदमी India में 420 साल लेता है बनाने के लिए। 420 साल। आप सोचो [हँसने की आवाज़] जो एक घंटा अंबानी साहब बनाते हैं। ordinary बंदा जो बहुत सारे लोग हैं, जो मेरे जैसे हैं। मुझे लग गया टुकका। लेकिन बहुत लोगों को नहीं लगता है। तो 90 percent are like actually barely surviving right as a society like India में। तो कभी मैं सोचता हूँ कि basically जो बंदा आपने जिनको save किया है वो 150 साल रह के क्या करेगा? वो उसका struggles continue होता रहेगा, होता रहेगा, होता रहेगा। वो बाहर आएगा भी कि नहीं आएगा। उसको क्या बताएंगे आप?
देखिए भाई मुझे लगता है ना कि जो struggle की परिभाषा है हर किसी के लिए अलग है। मैंने जैसे आपको बोला कि best of best गाड़ियों में घूमते हैं लेकिन कुछ नहीं है और कई छोटे से घर में आप गांव में चले जाओ बड़े खुश हैं। मैं पंजाब अभी floods में बहुत काम कर रहा था। तो मैं बहुत सारे villages में गया जिनके घर टूट गए थे, जिनकी भैंसें थी floods में बह गई थी और नाव से boats के through उनके घरों तक पहुंच रहे थे बड़ी मुश्किल से हम लोग। बीचोबीच ऐसा लग रहा था कि समंदर के बीच में एक उनका छोटा सा घर है कि चारों तरफ डूब गया था 15-15, 20-20 feet पानी उनके खेतों में आ गया था। जब आप उनके घर में जाते हो उनके पास कुछ नहीं है। लेकिन जैसे ही आप गए चेहरे पर लग मुस्कान। जैसे ही आएंगे आप क्या लेंगे? मैं दूध लेकर आता हूँ। मैं आपके लिए खाना लेकर आता हूँ। हम खाना उनके लिए लेकर जा रहे हैं वहां पर। वो बोलते हैं पहले नहीं हम आपको खाना खिला के भेजेंगे। so वो होता है, वो होती है असली अमीरी। वो होती है असली खुशी। फर्क नहीं पड़ता कि आप 25 हज़ार कमाते हैं और आपको कमाने में 420 साल लगे। मजा इस बात का है कि जो आप 25 हज़ार कमाते हैं, आप अपने परिवार के साथ enjoy करते हैं और आपको इच्छा है कि मैं और पैसे कमाऊं। लेकिन आप इस बात से नाखुश नहीं हैं कि वो नहीं कमा पा रहे। आप उतने ही मजे की सुकून की जिंदगी जीते हैं, बेहतर जीते हैं और विश्वास मानिए मैं पंजाब में, आंध्र, तेलंगाना, UP, बिहार हर जगह छोटे छोटे शहरों में जाता हूँ। वहां खुशियां ज्यादा है बड़े शहरों से। बड़े शहरों में चमक है। लेकिन कहीं ना कहीं बहुत चीजें missing है जो छोटे शहरों में 25 हज़ार कमाने वाला बिताता है। उसके मां बाप, उसके बच्चे, परिवार वाले हो सकता है शायद वो सोचते हैं कि यार मैं और हम लोग कमा पाएं। लेकिन उनके अंदर जब वो घर आता है, जो खुशी मिलती है, जो उनके चेहरे में सुकून मिलता है वो मुझे नहीं लगता कि 25 लाख कमाने वाले के अंदर कई बार होता होगा। so फर्क नहीं पड़ता कि number क्या है। फर्क ये है कि आप कितने खुश हैं। तो मैं हमेशा ये मानता रहूंगा कि वही हमेशा-
पर गरीब बंदा कैसा खुश रहेगा? क्योंकि आप सोचिए एक बार like 2004 में अगर आप आपका medical expense होता था ₹400 तो वो बन गया अभी-
उनका age मेरा age है 45 years है। उनको दो heart attack आए तो doctor ने बोल दिया भैया like आप जाइए आप injection लीजिए आपका hypertension काफी ज्यादा है। आपको डेढ़ लाख का injection। मैंने बोला डेढ़ लाख का क्या injection होता है भाई? और उनको लेना नहीं था वो injection। तो मैंने force किया। मैंने बोला हम लोग को injection लेना ही लेना है क्योंकि आपको लेना है doctor ने बोला है। doctor डरा देते हैं ना सबको।
[हँसने की आवाज़] आप मर जाओगे injection नहीं लगेगा तो। तो मैं खड़ा हुआ था line में और मेरे आगे बैठे हुए थे दो लोग जो लग रहे थे कि वो farmers हैं मध्य प्रदेश के। और ये है AIG hospital और-
हैदराबाद में। तो वो बंदा like जो बंदा बैठा हुआ था counter के पीछे वो बोल रहा था आपको आपका surgery हो जाएगा 60 lakhs.
और मैं सोच रहा हूँ ये बंदे के पास 60 lakhs कहाँ से आएगा? सोचिए 60 lakhs। वो कुछ तो गिरवी रखेगा। आपको बोल देगा कि आपकी बहन है, आपका भाई है, आपकी बीवी है। वो मरने वाले हैं। तो आपको क्या लगेगा? 60 lakhs भाड़ में गया। बच गया तो काफी है। कर्जा उठा लेते हैं। तो अभी if you look at India's कर्जा it's 5 trillion dollars.
बहुत ज्यादा कर्जा है वो। सारे ही plastic पर चलाते हैं। सारे ही सब कुछ like credit card पर चलता है। बहुत ज्यादा कर्जा हो गया। सबको कर्जा हो गया। दिखाने के लिए सबके पास car है लेकिन कर्जे पर ही चलता है सब कुछ। तो उन लोगों को क्या बताएंगे आप?
देखिए भाई जैसे आपने बोला कि 60 लाख का कर्जा आजकल तो injection 16 करोड़ का भी आता है।
SMA का injection हम लोग को support करते हैं उस चीज को 16 करोड़ का injection है SMA। SMA 2, 9 करोड़ का है। ये चार करोड़, पांच करोड़ की गरीब families हैं। और इकट्ठे हो जाते हैं पैसे।
16 crowd funding होती है। थोड़े सब लोग अपने level पर contribute करते हैं। So फिर भी इकट्ठे हो जाते हैं, बच जाते हैं बच्चे। काफी ज्यादा बच जाते हैं बच्चे। So idea यह है कि मैं यह cases हर रोज सुनता हूँ। आप मेरे साथ शाम को यहां चलेंगे मेरे घर के बाद। अभी मैं आपके पास आ रहा था। घर के बाद लोग खड़े थे। मैं कह नहीं मेरे को जल्दी जाना है। मेरे को पहुंचना है। मैं late हो रहा हूँ। पर खड़े हैं लोग एक उम्मीद के साथ कि भैया यार मेरे पास इतने कम हैं हो जाए और इससे बड़ी helplessness बेबसी नहीं हो सकती कि आपको पता है कि आप अपने परिवार के किसी सदस्य को बचा सकते हो लेकिन आपके पास पैसे नहीं हैं। वो इलाज करवाने के लिए। उससे बड़ी helplessness हो ही नहीं सकती कि आपको लगता है यार कहीं से आ जाएं पैसे और यार मैं मेरी mother, मेरी father को नया जीवन मिल जाएगा। नहीं तो चले जाएगी हाथ से। अब मैं लोगों से मिलता हूँ। वो कई बार explain भी नहीं कर पाते। वो बोल ही नहीं पाते। उनको शब्द ही नहीं है कि उसको कैसे phrase करें और बताएं कि कितना important। But इतने सालों से मैं इनको सुनता आया हूँ तो मुझे वो language समझ जाती है चाहे उनके पास शब्द ना हो। लेकिन जैसा आपने बोला कि वो जो gap है वो पैसा raise करने का, बचाने का या वो मिलने का। वो gap दिन पर दिन बढ़ता ही जाएगा।
यही number जो है अभी जो बताया है सोनू जी मैंने। यह पाँच गुना बढ़ा है। लोगों का यह मानना है कि यह 13 हज़ार गुना बढ़ेगा 20 साल में। 13 हज़ार गुना।
मैं बोल रहा हूँ। मैं बोलता हूँ कि बढ़ता ही जाएगा। इसमें फर्क नहीं पड़ने वाला। अब बीमारियां ज्यादा बढ़ेगी। पहले आपने कितनी बीमारियां सुनी थी जो आजकल आती हैं। हमने सुनी नहीं थी। वो पता चलनी शुरू हुई। Research हुई, उनके इलाज निकले, उनके रास्ते बने। So like I said कि जब volume of people increase होना शुरू होते हैं तो volume of problems also rise but also there will be volume of solutions that people will be working for। पर वो कशमकश जिंदगी लगी रहेगी। वो बोलते हैं ना अगर वो थोड़ा इधर खींचेगा, थोड़ा उधर खींचेगा। लेकिन survive वही करेगा जिसके अंदर वो ताकत होगी टिके रहने की। So टिका रहना important है। वो कहते हैं ना कि how long you can hold your breath under water then only you are going to survive। तो survival की दुनिया है। Survival का game है और जो survive कर गया वो है नहीं तो इतिहास है।
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