
Vikram Partap Singh
Indian footballer
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Oct 10, 2026
Amit Shah & Delhi Police Crush CJP & AAP | Cockroaches Shocked | Ground Report | DGP Vikram
14:24
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6:07Vikram SinghGUEST
अमिताभतो वरिस कर दीजिए जरा NCBC लगाया जाए थोड़ा। और इसके अलावा ध्रुव राठी के और भी तमाम चीजें खुलनी चाहिए। और जब यह पहली बार agitation हुआ था तो आप यह देखिए कि 200 पाकिस्तान social media handles आपके सामने आए। यह मामला सिर्फ दिल्ली का या हिंदुस्तान का थोड़ी है जैसे आप समझ रहे हैं। आप समझ जैसे आप समझ रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है Norway से, Soros से ISI। पाकिस्तान के 200 social media handles का मतलब क्या है? इसी तरीके से आपने देखा होगा कि तब एक तत्कालीन पंजाब के एक पुलिस commissioner ने कुछ चरमपंथी पकड़े जो पाकिस्तान से touch में थे, जो आ रहे थे जंतर मंतर। उनको आम आदमी पार्टी government ने line हाजिर कर दिया। जबकि इनको long and meritorious service का medal मिलना चाहिए था। क्योंकि उनके scheme of things के plot पर सब मामला गड़बड़ा गया उनका। तीसरी चीज आपने financial trail देख ली। आपने इनके leanings देख लिए और इनके द्वारा एक और देखिए एक YouTube आया है। एक सिख वेशधारी वो यह कह रहा है कि देखिए मैं आपको बता रहा हूं कि इसमें देखिए blade व्लेड लेकर मत जाइएगा pencil छीलने के लिए। वो कहीं लग सकता है। आप झंडे लेकर मत ऐसे जाइएगा कि झंडे आप लेकर के जाएं और उसका डंडा कहीं दुरुपयोग हो जाए। इसी तरीके से उसने दो चार बातें बताई कि Amazon का एक tool आता है। वो देखने में इतना बड़ा होता है जब button दबाते हैं तो वो एक cane बन जाती है। तो उसने तमाम ideas दिए agitation में। मैं तो नहीं समझता हूं कि एक सिख वेशधारी इस तरीके का बेहूदा बात illegal करेगा। यह जाहिर है कि एक पाकिस्तानी ISI sponsored कोई व्यक्ति वहीं का सिख वेशधारी बन करके इस तरीके की negative बातें फैला रहा है। लेकिन अब जो आपका way forward है, आप समझते हैं कि आज अगर मामला निपट गया और यह मामला संभल जाएगा तो ऐसा नहीं है। यह मामला संजय जी और खूब पकड़ेगा क्योंकि देखा है आपने कि 100 election हारने के लिए पड़ रहा है कि आखिर जब कुछ नहीं मिल रहा है, हताशा है। चार साल में आप वरिष्ठ नागरिक हो जाएंगे। जब वरिष्ठ नागरिक हो जाएंगे तो युवा नेता का टगमा भी जाता रहा। और अब दिखाई यह पड़ रहा है कि भविष्य अंधकारमय होता चला जा रहा है। दिन ब दिन जो है सूर्यास्त होने वाला है। तो यह हताशा जिसको कहते हैं कि स्वयंवर में बुढ़ापे में denture लगाकर के स्वयंवर में तुम्हारे जाने का समय आ रहा है। तो अब इन तमाम चीजों के मद्देनजर संजय जी इन्होंने देखा यह हताशा इनकी बोल रही है। हम Supreme Court से नहीं मानते हैं। हम police commissioner के instructions को नहीं मानते हैं। police commissioner कौन होता है? हमने intimate कर दिया है। अरे Supreme Court ने already कह दिया है कि अगर permission नहीं है तो आपकी जो भी सभा है वो illegal हो जाती है। लेकिन हम नहीं। संविधान की हत्या हो रही है। संविधान की निरंतर हत्या हो रही है। तो इन तमाम चीजों के मद्देनजर अगर आप यह देखिए कि संविधान की हत्या इतना आसान नहीं। किसी माइके लाल में दम नहीं कि संविधान की हत्या कर दे। Emergency भूल गए तुम जब नसबंदी तुमने करा दी थी। Emergency भूल गए जब तत्कालीन आप याद करें संजय जी। पता नहीं आप सभी थे नहीं। मैं तो था ही। MISA का एक act था जिसको जहां अरे तुमने ये कपड़े पहन लिए। चलो MISA में चलो। बस I don't like your face go under MISA। वो अत्याचार हुआ था। वो संविधान की हत्या हुई थी श्रीमान जी। सिखों का जब नरसंहार हुआ था सन 84 में तो उसके बाद जो हालात थे, वो संविधान की हत्या हुई थी। कश्मीर से हिंदुओं का जब पलायन हुआ था, वो संविधान की हत्या हुई थी। उसके बारे में बात करो। आज का जो scene था हमें दो तीन लुत्फ आया। आपको और आपके दर्शकों को मजा आएगा। दो तीन ऐसे टिकली चोर YouTubers वहां पहुंच गए और argument for the sake of argument सिर्फ argue। हमें वहां जाना है आप कैसे रोक सकती हैं? हम तो पत्रकार हैं। तो जितनी भी महिला commandos थी महिला पुलिसकर्मी उन्होंने अपनी अपनी whistle लगाई और whistle बजाने लगे। देखिए सीटी बजा रही है। देखिए सीटी बजा। सीटी। हमारी हंसी नहीं रुक रही थी। सीटी बजाना कौन सा गुनाह है भाई? वर्दी का essential part है whistle। whistle अगर बजा रहे हैं। उन्होंने जिससे कि हम लोग कुछ record न कर सके। हमारी बातें record न हो सके। वो एक शब्द बोले और वहां 30 लड़कियां जो है सीटी एकदम निकाल दी और बड़ी shrill whistle। इनके कान फट गया होगा मैं समझता हूं उनका। तो मुझे बड़ा मजा आया ये देख कर कि strategy ऐसी ही होती है अहिंसात्मक कि देखने वाले को मजा आए और जो शरारती तत्व है उनका मंसूबा खराब हो जाए। लेकिन जो road forward है संजय जी मेरी request यह है।

Sanjay DixitHOST
अच्छा और यह भी देखना पड़ेगा कि साहब ये Elon Musk जो है वो संयोग है या प्रयोग है।
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14:31Vikram SinghGUEST
पूरी तरीके से संयोग, प्रयोग दोनों का सम्मिश्रण है संजय जी। क्योंकि Elon Musk का जो एक एक ऐसा क्रांतिकारी एक उसका आविष्कार है, मुझे बताया गया है कि जैसे यह dongle आपके सामने है, इसी size की थोड़ा सा बड़ा। दाम उसका लगभग 50 हज़ार है। Monthly rental उसका करीब 10 हज़ार रुपए महीने है। लेकिन connectivity cent percent चाहे आप कहीं पर भी हो तो ठीक है भाई लेने वालों की कमी नहीं। लेकिन यह बताया जाता है कि असम और मणिपुर में जो भी उपद्रव हुआ, जो भी हिंसा हुई उसमें Starlink का बहुत बड़ा योगदान था। अब यह तो निर्णय देश का है। यह देश करेगा कि हमारे हित में क्या है, क्या नहीं है। ना Elon Musk करेंगे, ना राहुल गांधी करेंगे। राहुल गांधी तो अभी अपनी खैरियत मना लें क्योंकि जो उनके ऊपर FIRs हो गई हैं और जिस बेशर्मी के साथ उन्होंने एक महिला कर्मी की कमर पकड़कर के पकड़े रहे। video evidence है। दिल्ली पुलिस को चाहिए FIR करके fast track court में करना conviction और बता दें यह हमारे जो है युवराज His Majesty जो सबको तलब कर रहे हैं, उनको तो जवाब वहीं मिल गया औकात का। आकाशवाणी के जो चौकीदार ने कह दिया कि आप लोग तो बारी बारी आए, देश को लूट के चले गए। आप यहां agitation नहीं कर सकते। सरकारी जमीन नहीं है, प्रतिबंधित क्षेत्र है। तो तमाम चीजें इसके सामने आ रही हैं। दिल्ली पुलिस को कुछ नसीहतें लेनी हैं। आज की जो तैयारी है, उस पर संतुष्ट होकर ना बैठे। Advance intelligence, financial trail इसके अलावा इनका support system उसको ध्वस्त कर दे। अपने barricades को और मजबूत करें। Barricades को portable कर दे जिससे कि barricade चढ़ना छोड़ दे। It is impossible to scale that barrier.
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16:04Vikram SinghGUEST
और जो शातिर किस्म के लोग हैं सौ लोगों को आप detail करके substantive आपने चार FIR लिखी हैं। अभी आप कम से कम 25 FIR और लिखेंगे। और प्रकाश में आए हुए जिसको कहते हैं संजय याद कीजिए जरा अपने joint magistrate के दिन आप जो होते थे आपके circle inspector कि साहब इस थाने के यह मुल्जिम है। यह बचे तो इनको हम यहां adjust करा देते हैं। यहां जो है तो इनको यहां adjust कर देते हैं। यह जो adjustment की प्रक्रिया होती है कि जो प्रकाश जो प्रकाश में आ रहे हैं कि इतने नामजद मुल्जिम है, इतने प्रकाश में आए हैं तो जो प्रकाश में आ गए सौ लोगों का हिसाब कर लीजिए। चार-चार साल, पांच-पांच साल का हिसाब कर दीजिए। यह agitation की कमर आप वैसे ही तोड़ तोड़ देंगे। लेकिन चूंकि दिल्ली पुलिस ऐसी agitation के लिए अभ्यस्त नहीं है, इसलिए उनको UP, राजस्थान से सबक लेना चाहिए।
Delhi Police FAILED Badly | Modi Govt को डंडा चलाना ही होगा वरना विपक्ष बाज़ी मार लेगा | DGP Vikram
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3:20Vikram SinghGUEST
आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि दिल्ली Police Commissioner ऐसे वरिष्ठ अधिकारी को इन परिस्थितियों में हटाया जाए और उनकी posting न देकर के Lieutenant Governor के कार्यालय से संबद्ध कर दिया जाए। जिसको Police की भाषा में कहें तो line हाजरी। तो यह चीज अगर हुई तो इसका मतलब आप स्वीकार कर रहे हैं कि आपकी कोई appreciation, कोई intelligence नहीं थी। मौके पर अगर आप देख लें। अब आप यह समझते कि अब तो हर चीज हमारी वैसे ही होगी। IT enabled और laptop से हम कुछ कर लेंगे। वहां मौके पर जाकर के ground कुछ appreciation कुछ था आपका। यह कह रहे हैं कि एक ट्रक पत्थर आ गया था। कैसे आ गया एक ट्रक पत्थर? यह दिल्ली है, राष्ट्र की राजधानी है। आपको बड़ा प्रयास करना पड़ता है कि एक ट्रक पत्थर जंतर मंतर चला जाए। और आप भी District Magistrate, Commissioner रहे हैं। यह मालूम है। मैं तो दावे के साथ कह देता था कि आप ट्रक पत्थर छोड़ दीजिए। आप करके देखिए क्या दुर्गति आपकी हो जाएगी। मुझे अच्छी तरीके से याद है जब पहली बार कि हुजूर देखिए चेहरा पढ़िए, चेहरा पढ़िए, चेहरा पढ़िए। जैसे ही गाली गलौज शुरू होती है और जेब में कोई अपना हाथ डालता है, वही समय आता है कि पहली पानी की बौछार शुरू कर दीजिए। फिर भी अगर आता है और तीनों warning देने के बाद जो दंगा नियंत्रण योजना होती है। तीन warning। बलवानियों तुम्हारा मजमा खिलाफ कानून किया जाता है। भाग जाओ, भाग जाओ, भाग जाओ वरना तुम्हारे ऊपर गोली चलाई जाएगी। Water canon.
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4:40Vikram SinghGUEST
और एक जो तूफानी बदतमीजी हमने किया है। मैं क्यों कह रहा हूँ? क्योंकि मेरा विभाग है। मैं अपने को उससे कैसे अलग करूं? Tear gas shells जो है वो expired हैं। December 2022 की manufacturing है। December 2025 की expiry है। इसका मतलब आपने कभी drill वगैरह भी नहीं की। आपने stock की inventory भी नहीं की। आपने कि उसको कहते हैं ना तुम वो बेपेंदी के लोटे हो, चले हुए कारतूस हो। ये चले हुए कारतूस तुम चला रहे हो। उसकी क्या efficacy रहेगी? आठ महीने जो expired tear gas shell है, उसकी efficacy क्या होगी? वो तो ताजा-ताजा कारतूस होना चाहिए। पूरे charge के साथ कि जब मालूम पड़े कि यह है कि गांडीव से तीर निकल रहे हैं। यहां तो मालूम पड़ता है दिवाली के सीले हुए पटाखे निकल रहे हैं। लेकिन मैं यही कह रहा हूं कि आपके प्रतिष्ठित channel पर यह सब बताना जरूरी है। हमारी लाठी drill। हम खुद ही घिर रहे हैं। अरे हम कैसे घिर जाएंगे? एक लक्ष्मण रेखा खींच दीजिए। वहां तक करो। खूब जिंदाबाद मुर्दाबाद करो। खूब करो। बच्चे हमारे अलग हैं। हम उनसे बात नहीं करेंगे। शरारती तत्व आ जाएं। अब आज उनको छठी का दूध हम याद दिला देते हैं। शरारती तत्व एक तरफ, विद्यार्थी एक तरफ। दिखाई यह पड़ रहा है कि हमारी कोई homework था नहीं। Intelligence था नहीं। Police Commissioner का हमने स्थानांतरण कर दिया। चले हुए expired tear gas shell चलाए हमने। और जो हमारी लाठी drill थी, कम से कम इतना तो ध्यान रखते कि हम अच्छे किस्म के आपके tear gas shells वगैरह का इस्तेमाल करते। अब हम plus point पर आ जाएं strength, weaknesses, opportunities की बात कर रहे हैं। आपने बल प्रयोग उस हद तक किया कि mild लाठीcharge। मैं इसको mild कह रहा हूँ क्योंकि आपने भी जो वीभत्स लाठीcharge देखा है, मैंने भी देखा है। लेकिन वो होता है। एक साहब कह रहे थे कि साहब हमारे ऊपर बड़ा जुल्म हो रहा है। तो हमारे थाना अध्यक्ष थे। उन्होंने कहा कि बच्चू तुमने जुल्म देखा नहीं। जुल्म वो होता है जब तेल की भीगी लाठी सर पर पड़ती है और सर तरबूज की तरह फटता है और भेजे का एक टुकड़ा इस कंधे पर भेजे का दूसरा टुकड़ा तुम्हारे इधर। उसको जुल्म कहते हैं। हम लोग जुल्म करते नहीं हैं। लेकिन अगर मजबूर करोगे, थाने में आगजनी करोगे, हमारे हथियार लूटोगे तो जुल्म होके रहेगा। लेकिन यह अच्छा है। यहां की बात कि दिल्ली पुलिस ने बहुत ही ज्यादा धीरज, धैर्य और patience। लेकिन दिल्ली पुलिस के धीरज, धैर्य और patience को कायरता और एक तरीके से कहा जाए कि यह एक तरीके की कर्तव्य विमूढ़ता का एक पर्याय बन गया था कि शायद आप कुछ कर भी नहीं सकते हैं। आपको आदेश ही नहीं। अब यह बता दीजिए NSA के आदेश अब दिए हैं आपने। आग लगकर मकान बहा हो जाए और अब आप आग दे रहे हैं। यह मैं जानना चाहूंगा कि यह किया किसने और जिसने भी किया है उसका suspension होना चाहिए। कि दिल्ली पुलिस के पास NSA के पहले हो जाने चाहिए थे और अब तक कम से कम 100 लोग NSA में अंदर हो चुके हो जाएंगे। अब मैं बता भविष्यवाणी कर दूं। ना हुए हैं और ना होंगे। ना हुए हैं और ना होंगे। तब तो प्रशासन की नंगी तलवार सामने आ जाती। लोग भूल जाते नादिरशाह को। जिन-जिन ने पत्थर चलाया है। आप यह देख लीजिए संजय जी। 120 से अधिक पुलिस अधिकारी चोटिल हैं, जिसमें special पुलिस का। आठ तो IPS officer है। special पुलिस commissioner, joint पुलिस commissioner और ACPs, DCPs और इनकी इतनी गंभीर चोटें हैं। life threatening injuries, head injuries हैं। और आपने क्या किया? केवल 10 FIR लिखी। कोई arrest किया है। आपने arrest भी नहीं किया। तो FIR कर के काहे को तुम कागज waste कर रहे हो। समय बर्बाद कर रहे हो। मत लिखो FIR। कम से कम यह तो होगा कोई FIR हम नहीं लिख पाए। FIR लिखी भी है। गिरफ्तारी भी नहीं। किस तरीके का संदेश आप दे रहे हैं और क्या संदेश जा रहा है कि आप उभयधर्मिता absolute पलायनवाद और उस तरीके की आपकी जो है लगता है वह भाषा। दिल्ली पुलिस का मैं बड़ा सम्मान करता हूँ। हमें लगता है कि यह जो एक तरीके से कर्तव्य विमूढ़ होकर के काम कर रहे हैं, ऊपर के pressure से remote किसी और के हाथ में है। वह जैसा आदेश दे रहे हैं उसी के अनुसार पुलिस काम कर रही है। इनको छोड़ दे। एक बार कह दे कि हमें बाद में suspend कर दीजिएगा। इस तरह के तबाही चाहते हैं कि एक बार वहां पर साफ कर देते हैं और आप ही बता दीजिए क्या आज यह संभव है कि संभव नहीं है? क्या यह संभव नहीं है कि रात को जाकर के बाबा रामदेव का मंच आपने खाली कराया था। आप का मतलब शासन प्रशासन ने। इसी तरीके से अगर इच्छाशक्ति प्रबल हो तो शासन प्रशासन से कोई लड़ नहीं सकता है। भीड़ की भीड़ आ रही है। भीड़ की भीड़ संसद में जा रही। भीड़ की भीड़ जो है Connaught Place में पथराव कर रही है और हम हाथ के हाथ धरे बैठे हैं।
8 MINS LATER
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16:52Vikram SinghGUEST
और भी आसान। हमने किया ही नहीं। जब हम गांव देहात में कर सकते थे, यहां भी कर सकते हैं और यहां तो सबसे आसान है। लेकिन हमारी बहुत बड़ी चूक यह हुई कि तीसरी चूक। वही आपने कहा ना कि पहली बार इत्तेफाक, दूसरी बार जो है coincidence और तीसरी बार तो युद्ध की घोषणा होनी चाहिए। लेकिन दरअसल हम अभी हाथ में हाथ बैठे हैं, प्रतीक्षा कर रहे हैं कोई और आकर के हमारी सहायता करेगा। नहीं होगी। खैर, अभी मैं एक और show पर था। प्रधानमंत्री जी ने जो घोषणा की है कि हम fast track court बनाएंगे। हमारे युवा और उनकी जो भविष्य है वो हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो दोषी है बख्शा नहीं जाएगा। अच्छी बात है लेकिन हम चाहेंगे इसको जल्द से जल्द इसका अनुपालन हो जाए। और जहां इच्छाशक्ति होती है, आप fast track court में अगर दे देंगे तो 45 दिन में यह doable है। लेकिन हमको अब कुछ कहना नहीं। अब कुछ करके दिखाना है और उसका समय आ गया है। लेकिन पहली चीज यह आती है कि जो जंतर मंतर पर जो flop show हुआ, मैं flop show किसका कह रहा हूं। शासन प्रशासन का। मैं भी बच्चों के लिए कुछ flop show शासन प्रशासन का हुआ। उसके ऊपर चिंतन करने की जरूरत है। क्या हम इसी तरीके से victim card हम खेलते रहेंगे कि साहब चूंकि हमारे पास पुलिस बल कम था, हमारे चले हुए कारतूस थे तो कारतूस आपको देना था। आज पुलिस line जाकर के दंगा नियंत्रण योजना का करिए पूर्वाभ्यास। Mob और crowd control के बारे में कार्रवाई कीजिए। जंतर-मंतर पर जो हो रहा था क्या आपने कोई drone देखा? क्या drone की flight आपने देखी? Facial recognition software के आपने specialized cameras के साथ की control room बता दे कि यहां बंदे भोंदू, कल्लू, फन्ने हैं। अब आपको मालूम पड़ा होगा जितना असामाजिक तत्व है कितना वहां पर गया है इसका आपको अंदाज़ हो गया होगा। इसमें अगर आपको देखा होगा कि हाजी अफज़ाल यह सीलमपुर का रहने वाला है। मकोका का मुल्जिम है, दंगे का आरोपी है। यह डेढ़ सौ अपने चेले-चपाटों के साथ हाजी अफज़ाल वहां पर मौके पर था जंतर-मंतर पर। दूसरा अरशद है जो कि habitual stone pelter है। इनके खानदान में कोई NEET का candidate नहीं रहा। यह वहां क्या कर रहे थे? और यह तो एक दो मिसालें मैंने बताए। ऐसी मैं दर्जनों मिसालें आपको दे सकता हूं कि आपराधिक तत्व जा रहे हैं। एक साहब कह रहे हैं कि हम किसान हैं, हम तो दिल्ली देख सकते हैं। दिल्ली आप देखिए, शौक से देखिए। दिल्ली आपकी पहले है, बाद में हमारी है। लेकिन अगर आप यह समझते हैं कि tractor-trolley लाकर के वहां जाकर के दुर्व्यवस्था फैलाएंगे। आप अपने tractors को weaponize कर देंगे संजय जी। जैसे कि आपने किसान agitation में किया था। पुलिसकर्मियों पर चढ़ा देंगे। महिला अधिकारी के ऊपर tractor चढ़ा देंगे। कम से कम मेरा फिर एक परामर्श है। Tractor-trolley जब आते हैं नए-नए। ये तो नए-नए हैं क्योंकि माल मुफ्त दिले बेरहम जब Soros का पैसा है तो उनके लिए 500-1000 tractor देना कोई बड़ी चीज नहीं। लेकिन यह tractor जहां जाए वहां bulldozer और crane की व्यवस्था रहे हर tributary road पर। और जब ये आए तो इनकी trolley अलग, engine अलग, body अलग, battery अलग, seat अलग और जहां पर scrap yard होता है वहां पर चले जाएं tractor। Driver का license cancel कर दिया जाए। Tractor registration cancel कर दिया जाए और इनके घरों पर देख लें और कौन-कौन से वाहन हैं। उनका भी registration cancel कर दें क्योंकि इन्होंने अपराध किया है। कानून में थोड़ा संशोधन आप इस पर विचार करें कि अब कोई शासन-प्रशासन के ऊपर पत्थर इकट्ठा करके पत्थर फेंकेगा that will be deemed to be a terrorist act and action under the UAPA will be taken। सामान्य धाराओं में नहीं। पुरानी जो UAPA है उसके अंतर्गत और पुरानी 307 के अंतर्गत जो 109 BNSS है उसके अंतर्गत। और आपने अब तक जो पुरानी 332 IPC थी उसके 121 BNSS। Attacking a police officer or public servant on duty। जी संजय सर आप कुछ कह रहे थे।
Atiq Ahmed के पीछे Sonia Gandhi का नाम? UP-Bihar Mafia का ISI लिंक EXPOSED! | DGP Vikram Singh
28:35

Sanjay DixitHOST
तो ये बताएं कि ये जो ISI का जो penetration है, अब ये हम देख रहे हैं ये धुरंधर वाला जो इसका जो कथानक है कि किस तरह से किसी को भेजा जाता है और वो penetrate करता है और ISI का ये करता है। अभी-अभी एक latest जो किस्सा आया है कि एक साहब बांग्लादेश से शब्बीर अहमद लोन साहब थे और उनको जो है वो ल्योर करके और ले आया गया border तक और फिर border से उठा लिया गया उनको। और अब जनाब जो है वो हिरासत में हैं। उनके ऊपर UAPA, NSA वगैरह जो भी लगना है वो सब लग रहा है। तो ये पहले हुआ करता था क्या? क्या अभी ये-
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29:13Vikram SinghGUEST
पहले से ज्यादा होता था। पहले से ज्यादा होता था। एक किताब मैं फिर दिखा रहा हूं। ये अचीज तो radicalize है। एक और है ISI के ऊपर। जो लोग और आपके दर्शक ISI के ऊपर ये बड़ी authoritative किताब है Faith, Unity and Discipline di ISI of Pakistan। writer है German writer है Hein H. Kassling और ये 30 साल इन्होंने इस किताब पर काम किया है। तो एक masterpiece है। अब हम बात करते हैं ISI and its penetration। ISI तो एक रोग और एक बहुत ही criminal, criminality oriented organization है। और जो बची-खुची कसरत थी criminality में वो पूरी हो गई जब USSR operation चल रहा था तो इनको CIA और अन्य ऐसी रोग elements के साथ इनको साथ मिल गया तो technology का लाभ मिला। आप जब पढ़ रहे होंगे तो मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि पहला ISI का operation तभी हुआ था जब दिल्ली में कुछ गुजरात के diamond merchants को ल्योर किया गया। और ये जब 18-20 आए तो इनको बड़ी खूबसूरत लड़कियों से ensnare कराया गया। फिर मालूम पड़ा कि गुजरात के जितने merchants थे इनकी kidnapping हो गई। जब kidnapping हो गई तो बड़ा sensation हो गया क्योंकि बहुत बड़ी families की थे। और ये चार दिन बाद लौट के आए और guess कीजिए कितना ransom money इन्होंने दिया। It was an ISI operation.
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30:28Vikram SinghGUEST
और यह honey trap हो गए थे और इन्होंने सस्ते के जमाने में करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। 70 करोड़ उस जमाने में आप मान लीजिए कि आज से 75 की अगर यह बात होगी, 76 की बात हो, आप समझ सकते हैं कि आज के जमाने में उसकी value क्या होगी। रही ISI का penetration तो ISI तो एक तरीके से slow poison है और एक virus है। सबसे पहले हम आपको ले चलते हैं कि इसकी जो trick है। आप बिहार को देखिए, नेपाल को देखिए और आप India को देखिए तो इसमें PFI हो गया। इस तरीके के और जो frontal organization होते हैं Indian Mujahedin हो गया। मैं आपको ले चलता हूँ कि एक Government of India ने बिहार Government को एक message दिया था और Intelligence alert दिया था। मौलाना मोहम्मद जायस और यह जायस साहब जो थे। यह जनकपुर Police Station, ग्राम लोहाना, धनुआ District नेपाल के रहने वाले थे। वहाँ पर इन्होंने लगभग उस जमाने में आज से 20 साल पहले ₹1 करोड़ लगाकर मस्जिद जिसमें underground रहने के रुकने की व्यवस्था बनाई और इनकी activities यह बताते थे कि मुंबई भी आते थे और वहाँ पर अवांछनीय लोगों से मिलते थे और नेपाल का एक मुस्लिम संघ था। वहाँ पर सप्तरी District नेपाल में और वहाँ के member को anti India training देते थे। मुंबई आकर के नेपालियों को train करते थे। अब आप कहेंगे भाई इसकी relevance क्या है? Relevance यह है। आप इसको गौर से सुनिए। मिर्जा दिलशाद बेग नाम familiar लगा आपको। मिर्जा दिलशाद गोरखपुर के रहने वाले मेरे जिले के और यह चलेगा नेपाल और नेपाल जाकर के इन्होंने थोड़ा politics की। लेकिन politics बाद में की। पहले यह चोरी कराते थे कारों की और कार जो चोरी होकर जाती थी उनको कटवा करके इन्होंने अपना धंधा शुरू किया। उसके बाद यह drugs में आए और ISI में आ गए। ISI में जब आ गए तो ISI के पूरे supporter हो गए। वहाँ member of parliament हो गए और जाकर के वहाँ पर parliament में एक बहुत ऊंचा ओहदा मिला। लेकिन लोग कहते हैं कि बबलू श्रीवास्तव का एक लड़का था मनजीत सिंह उर्फ मांगे सरदार। लखनऊ का रहने वाला। उसने जाकर चिटका दिया। किसी या किसी unknown ganman ने चिकना दिया। मांगे सरदार कहना कि हमने नहीं किया था। बहरहाल, यह Indian होते हुए भी anti Indian activities में पूरी तरीके से यह शामिल थे और वहाँ से जाकर के चाहे फर्जी currency हो और फर्जी currency के साथ साथ यह जाकर के वहाँ पर यह तमाम इस तरीके की anti India activities करते थे। Drugs हो तो क्या और ISI के एक तरीके से मान लीजिए चलता फिरता दफ्तर था मिर्जा दिलशाद बेग। और बिहार को इन्होंने जो केंद्र बिंदु बनाया तो बिहार में शाहीद अली खान थे। 2014 में SSB ने इनको पकड़ा था और Indian Mujahedin के अख्तर और मंसूर साईं दो लोगों के साथ इनके संबंध बताए गए थे। लेकिन तत्कालीन government ने तत्कालीन नीतीश कुमार government ने इनको clean chit दे दी। अब शहाबुद्दीन की बात हम लोग अलग से करेंगे। असगर अली इनके बारे में बताते थे कि यह ward level के नेता थे और यह भी ISI activities नेपाल soil से करते थे। अख्तर परवेज और फुलवारी शरीफ module जो 2022 में पटना में पकड़ा गया था और जब पकड़ा गया था तो आप याद करें यह PFI का stronghold और PFI से influence होकर के 2047 में यह भारत को एक Islamic देश बनाने का इनका पूरा plan था। अब यह सब चीजें तो हो गए। चारों खाने नहीं आठों खाने चित हो गए। लेकिन हम दो नाम आपको बताएंगे और उनकी activities के बारे में एक शहाबुद्दीन की हम लोग थोड़ी बात कर लें और शहाबुद्दीन जी। क्योंकि शहाबुद्दीन एक वो। ऐसा एक नेता था जिसके बारे में न सिर्फ उसको political support पूरा मिला था। मैं याद दिलाऊंगा कि आप ही की तरह कर्मठ ईमानदार एक बिहार के DGP थे श्री डी पी ओझा साहब। आप मिले जरूर होंगे उनसे। उनका पूरे भारत में बड़ा नाम है। उन्होंने 100 पन्ने की एक report बनाकर के दी कि किस तरीके से मोहम्मद शहाबुद्दीन ISI का पूरा पिट्ठू है और वो पूरी anti India activities में संलिप्त है। और डी पी ओझा की report में क्योंकि इनके घर पर जब raid हुई, जो चीजें कम आती हैं mainstream media में उसमें पाकिस्तानी हथियार मिले थे और 2005 में जब raid हुई थी SP रत्न संजय और DMC के अनिल ने। दोनों ने जब raid किया था तो AK47 Assault rifle, Night vision goggles, Night vision goggles का क्या मतलब? वो तो contraband चीज है। वो भी इनका मिला था और कारतूस और stamps जो मिले थे वो पाकिस्तान Ordnance Factory के जैसे अतीक भाई के घर में मिले थे तो जैसे अतीक भाई के घर में पाकिस्तान Ordnance Factory के कारतूस मिले थे, वो इनके भी मिले थे। अब ISI operation नेपाल में क्या था? शहाबुद्दीन का काठमांडू और बीरगंज के ISI operative से कड़ा संबंध था और यह सब डी पी ओझा साहब की किताब में पूरी तरीके से explained था। Terror network में उन्होंने कहा कि यह लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और उनके जरिए AK47 की supply इनको होती रहती थी। अब दिल्ली पुलिस की एक charge sheet है। 2001 में उसने शहाबुद्दीन को इसी तरीके के अपराधों में संलिप्त देखा गया था। DGP की report में यह भी दिया था और DGP की reports होने के बाद इनको आप बताइए क्या होगा? पद्मश्री में नाम भेजा गया होगा। डी पी ओझा साहब का। उनको हटा दिया गया।
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39:49Vikram SinghGUEST
बिहार के। जी हां, सीमांचल वाले जिनके ऊपर दर्जनों case थे। वो भी नौ दिन के लिए देवीगौड़ा government में state home minister बने थे। और state home minister बनने के बाद उनको जब लोगों ने कहा कि साहब आप जब उन्होंने जाते ही पहला काम क्या तस्लीमुद्दीन ने मालूम है? उन्होंने कहा कि पहले इस crime की जो उनके related थी वो file ले आओ। तो वहां की जो tradition होता है कि आप खुद मुल्जिम हैं, आप यह file summon नहीं कर सकते हैं। ये file आपको नहीं दिखाई जाएंगी। बात ऊपर पहुंची cabinet secretary तक। cabinet secretary ने बात प्रधानमंत्री से की। अंततोगत्वा इनको हटाया गया। तो तस्लीमुद्दीन साहब का भी एक बहुत बड़े star player थे। इनकी चर्चा अगर ना करें तो बात अधूरी रह जाएगी। तस्लीमुद्दीन की तो बात करनी ही पड़ेगी। अब हम आते हैं मुख्तार अंसारी जी के ऊपर क्योंकि उनकी बात करना जरूरी है। लोग कहते हैं कि नहीं, वो ISI से उनका कोई संबंध नहीं था। वास्तविकता यह है कि Zee News ने कहा था कि इनके पास sophisticated AK47 और इनके पास जो स्वचालित हथियार हैं और वैसे भी इन्होंने कृष्णानंद राय की हत्या करने के लिए बाबूलाल यादव gunner और मुन्ना यादव को भगोड़ा बनाकर के LMG skew मंगाई, जिससे कि कृष्णानंद राय की bullet proof car को भेद करके उनकी हत्या करा दी। उन्होंने मुन्ना बजरंगी को commission किया। Automatic weapon दिलवाई जो Iran की automatic rifle है। उसका इस्तेमाल कराते हुए क्योंकि LMG तो पकड़ ली थी शैलेन्द्र सिंह ने। शैलेन्द्र सिंह जो Deputy SP UP का था। तत्कालीन हमारे बड़े नेता जो कभी लड़के हैं, लड़कों से गलती हो जाती है। उन्होंने जोर दबाया कि नहीं, ताड़ा हटाओ। दूसरा ये करो कि ये LMG नहीं show करनी है। तो इतना प्रताड़ित किया कि शैलेन्द्र सिंह ने इस्तीफा भी दिया। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है? कृष्णानंद राय एक कुश्ती के match का उद्घाटन करने गए थे और घेर करके बताते हैं कि वहां हजारों गोलियां चलीं। कृष्णानंद राय के शरीर से भी सैकड़ों गोलियां बरामद हुई और मुन्ना बजरंगी ने उनकी शिखा यानी चुटिया काट करके दिखाया और मुख्तार अंसारी ने कहा कि बड़ा बुरा हुआ। कृष्णानंद राय स्वांग। बड़ा बुरा हुआ। कृष्णानंद राय की हत्या हो गई। उसकी चुटिया भी काट ली। जय श्री राम। यह on record है। Recorded है ये। आप समझ सकते हैं कि कितना पाशविक कृत्य किया उसने। और यहीं पर खत्म नहीं हो गया। उसके पहले जो कम लोग जानते हैं, विश्व हिंदू परिषद काशी का जो President था नंदकिशोर रुंगटा। नंद किशोर रुंगटा को पकड़ा और उससे करोड़ों रुपए की फिरौती मांगी। जब फिरौती संजय जी नहीं मिली तो ये बताते हैं कि उसकी भी हत्या करके और उसके मतलब गंगा जी में प्रवाहित कर दिया। जब गंगा जी में प्रवाहित कर दिया तो ये भी कह रहा था कि नंद किशोर रुंगटा इतना डर गया था कि शरीफ आदमी तुम्हारे ऐसे पशु को देख करके डर ही जाएगा। उसने अपनी पतलून गंदी कर दी थी। इतना बड़ा चीप था कि ये भी बात उसने किसी से अपने सहयोगी से कही। अब हम बात करते हैं। अब आप देखिए किसको target कर रहा है। कृष्णानंद राय, नंदकिशोर रुंगटा और एक और बहुत बड़ा परिवार है काशी का, जो कि इसी तरीके से सनातन के कार्यों में लिखते हैं। बड़ा प्रतिष्ठित परिवार है। नाम लेना उचित नहीं है। उनको target किया फिरौती का। लेकिन वो परिवार व्यापारी परिवार है। लेकिन उन्होंने नहीं कहा कि आपको हत्या करनी है, हत्या कर दीजिए। अपहरण करना, अपहरण कर लीजिए। लेकिन पैसा मैं एक नहीं दूंगा। पैसा मैं एक नहीं दूंगा। खैर पुलिस ने protection दिया। मेरे time में भी protection था और protection उनको काफी वर्षों वर्षों तक उनको मिला। लेकिन वो target किसको करता था? जो सनातन के कृष्णानंद राय BJP, नंद किशोर रुंगटा VHP। यह जो परिवार था, यह सनातन किसी का सदस्य भले ही हो या ना हो लेकिन पूरी तरीके से सनातन का एक प्रतीक माने जाते थे। सनातन के बहुत बड़े एक तरीके से सेवा कार्य में सदैव जुड़े रहते थे। ऐसे लोगों को target करना। लेकिन अब उसके बाद मुख्तार अंसारी साहब जो हैं पूरे उनके काशी में स्वचालित हथियार, जमीनों पर कब्जे और 2005 में कृष्णानंद राय की जब हत्या हुई, fake currency में बहुत नाम आया धुरंधर Three में। तो संजय जी इसको हम लोग भूल ना जाएं। Fake currency एक बहुत बड़ा ISI का racket था। उसमें इनका तो खुल के नाम आया। मुख्तार अंसारी साहब का। आप ही समझें कि अगर शहाबुद्दीन का नाम खुल के आ रहा है, मुख्तार अंसारी का अगर आ रहा है तो आपका common sense कहता है कि बहती गंगा में अतीक भाई हाथ नहीं धोएंगे। इतना वैभव केवल धन की वसूली और जाफर शरीफ के दिए हुए ठेकों से आएगा क्या? Police Investigation में जो बातें प्रकाश में अंसारी के खिलाफ आई हैं कि extortion foreign entity से इनको weapons का मिलना और contract killing 60 से अधिक cases इनके ऊपर हैं। 60 से अधिक cases मुख्तार अंसारी के ऊपर है और कई में सजा भी हो गई। यह प्रशांत कुमार DGP के time की बात है और यह हो गई। अब इसके उपरांत अगर आप देखें। मैंने आपको बताया कि नंद किशोर रुंगटा, कृष्णानंद राय और इसके अलावा कितनों की उसने हत्या की। Army के आदमी को भगोड़ा बना कर के light machine gun बराबरी प्राप्त करने की और इसका जो shooter था मुन्ना बजरंगी। आपने नाम सुना होगा जो कि jail में जिसकी हत्या हो गई। तो मुन्ना बजरंगी के जरिए ही कृष्णानंद राय की हत्या हुई थी और मुन्ना बजरंगी की जो बातचीत हो रही थी वो पूरी तरीके से recorded थी। और उसके बाद अगर आप समझ सकते हैं कि इसका क्या भय और आतंक रहा होगा। लेकिन अब आप fake currency की बात चल रही है तो मैं एक line में आपको बताना चाहूंगा कि fake currency का racket कैसे कहां से चला। आप अब आ जाएं महाराष्ट्र में। महाराष्ट्र में आपके, यह है आपका जो अब्दुल करीम तेलगी, जो stamp और counterfeit notes तैयार करता है तो अब्दुल करीम तेलगी ने नासिक Security Press, नासिक Security Press का इसने जो नीलामी होती है तो old obsolete machines की lots खरीद ली सब एक साथ। उद्देश्य machine खरीदना नहीं था संजय जी। उद्देश्य यह था कि उनको dismantle करके दोबारा पाकिस्तान ISI को भेज देना। ISI ने वो मशीनें वहां की जाकर के लगाई और उसके बाद जो dye और ink वगैरह होती है वो उन्होंने outsource करके उसी channel से जिससे की हमारी security press जाते थे। बहावलपुर पाकिस्तान में इन्होंने वो printing press डाली और उसके जरिए नकली note खूब छपा। धड़ाधड़ छपने लगे। अब आप यहां आइए Indo Nepal border पर जैसे हमारे आपके यहां India में State Bank सबसे बड़ा bank है। पाकिस्तान में Habi Bank है और नेपाल के राष्ट्रीय Bank और Habi Bank ने मिलकर के एक और bank बनाया। विलय करके एक और Himalayan Bank और Himalayan Bank की शाखाएं Indo Nepal पूरे border पर करीब लगभग 1200 किलोमीटर पर Himalayan Bank की शाखाएं खुली। उद्देश्य व्यापार करना नहीं था या वहां पर कोई commercial activity के लिए नहीं था। बल्कि जो नकली currency बहावलपुर, पाकिस्तान से नेपाल आ रही थी, उसको भारत में एक के मुकाबले तीन या चार जैसे rate लग जाए, उनको Indian economy में introduce करना था। यह बड़ा well structured था। आप समझ सकते हैं दो बैंकों का विलय होना, Himalayan Bank का बनना through राष्ट्रीय Bank।
Dhurandhar Accurate Depiction of Gangs and Gang Wars | Action against Illegals | DGP Vikram Singh
27:32
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13:21Vikram SinghGUEST
आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। 2008 में मैं DGP था। मनमोहन सिंह जी हमारे प्रधानमंत्री थे। जो सालाना DGs conference होती थी उसमें अजीत डोवाल साहब ने आकर के as director IB संबोधित किया और यह कहा कि भारत की सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद है। left wing extremism है और भारत का 40% भूभाग इससे आच्छादित है और impacted है। जो red corridor है पशुपति से तिरुपति तक, पशुपति से तिरुपति तक और उसको निकालने कोशिश की। जो खाद्य पदार्थ और खनिज से पूरी तरीके से सर्वाधिक संपन्न है। उस area को अपने कब्जे में लेना, protection money लेना। और उस दौर में उत्तर प्रदेश के भी पांच जिले आच्छादित थे। मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और वहां थानों पर हमला हो जाता था। खोराडीह वगैरह पर attack होता था और सौ सौ की तादाद में आ जाते थे और automatic weapons से जन अदालत चलाते थे और जन अदालत में कहते थे छह इंच छोटा कर देंगे। छह इंच छोटा करने का मतलब गला काट देंगे गड़ासे से। उसी के खून से चेतावनी लिखेंगे और फिर वहां पर लाश के साथ वहीं बगल में नृत्य होगा और भंडारा होगा और लोग कहेंगे देखो हम हैं असली शक्ति। सरकार वरकार कुछ नहीं। लेकिन आपने देखा कि जो समग्र तरीके से जो अभियान चलाकर के आज की तारीख में यह संतोष का विषय है कि यह दावा है कि 31 मार्च 2026 तक left wing extremism पूरी तरीके से भारत में समाप्त हो जाएगी और हो जाएगी। क्योंकि जो आपके result आपके सामने आए हैं, अगर मैं आपके सामने बताऊं तो 53% decline है left wing offences में आज security forces की जो casualties है उसमें 73% decline है। civilian death में 71% decline है। 1225 चरमपंथियों ने आत्मसमर्पण किया है। 270 neutralize हुए हैं। तो आप समझ सकते हैं कि 427 अगर तेलंगाना के आसपास जिन्होंने surrender किया तो सामान्य बात नहीं है। और आपकी बात पर जिनके करोड़ों के इनाम थे, जो 40 साल से ऊपर क्रियाशील थे, जैसे बी प्रसाद राव और बद्री प्रकाश। इनके ऊपर लाखों रुपए की इनाम घोषित थे। और यह एक 40 साल से और एक 42 साल से क्रियाशील थे। लेकिन सरकार की विश्वसनीयता देखिए। शासन के आह्वान पर उन्होंने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण के उपरांत सरकार ने जो पुरस्कार की राशि थी, यह देख लीजिए कितना नैसर्गिक न्याय कि उसका demand draft बना कर के उनको दिया। ऐसा नहीं था कि पुरस्कार राशि पचा गए। आत्मसमर्पण के बाद जो घोषित धनराशि थी इनाम की, वह उनको demand draft से उनको दी गई। लेकिन आप पूछेंगे आखिर इस success story का कारण क्या है? मैं बड़े संक्षेप में बताना चाहूंगा कि जो technology हम लोग सोचते थे कि हमको इस्तेमाल करें लेकिन शायद पर्याप्त वो resources नहीं थे या शायद इच्छाशक्ति नहीं थी। वो आज इस्तेमाल हुई है। सबसे पहले AI based data analysis, दूसरी drone surveillance, तीसरी satellite imaging और जिस तरीके के operations होते थे जैसे operation Black Forest, operation कगार और वहां पर जो rehabilitation का था कि एक बस्तरिया बटालियन बनाया गया। बस्तरिया बटालियन में वहीं के 400 लड़कों को recruit किया गया। और जहां पर बीजापुर, सुकमा, दांतेवाड़ा आपको याद हो, ये बिल्कुल जल रहे थे। यहां पर अगर आपने इतना recruitment किया, वहां पर job opportunities बच्चों को दी। वहां पर आपने अगर ऐसी कार्रवाई की। क्योंकि हमको भी याद है कि जब हम लोग मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली में कुछ भी बना लें, mobile tower लगवाए mobile tower काट काट दे दे नक्सली जाकर। सड़कें बनती थी, सड़कें उखाड़ दे देते। primary health centre में primary school में अगर master doctor जाते थे, उनको मार पीट के भगा देते। मतलब सरकार का कोई प्रतिनिधित्व नहीं हो पाता था। लेकिन अब यह जो परिवर्तन आया है और इसके अलावा दूसरे चरण में देखिए NIA ने इनकी 40 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। ED ने इनकी 12 करोड़ की संपत्ति जब्त की है और centre ने जो security related expenditure था उसमें 3331 करोड़ दिया है जो कि 155% की वृद्धि हुई है। जब आप देखेंगे जितना budget बढ़ाएंगे, top grade आप operations चलाएंगे। उन operations के साथ साथ आप यह भी देखेंगे। दूसरी चीज में दो बातें व्यक्तिगत जो मैं बताना चाहूंगा आपको वो यह थी कि हम लोगों ने नक्सल से किया है। लेकिन पहली चीज थी कि मैं IG बनारस था। जहां पर आपका मिर्जापुर, सोनभद्र दो जो जिले थे वहीं पर थे और बगल में ही बिहार में रोहतास था। रोहतास का किले में इनकी passing out parade और investiture ceremony होती थी। माओवादियों की।
9 MINS LATER

Sanjay DixitHOST
बिल्कुल सही है। अच्छा एक और अभी इसी परिप्रेक्ष्य में देखें तो जैसे यह कराची में जब देखते हैं तो कराची के context में लेते हैं और उसमें वहाँ हमजा अली मजारी पहुंच जाता है। वो detect नहीं कर पाते हैं। इसी तरह से हमारे यहाँ बड़ी भारी समस्या है illegals की और illegals का प्रवेश जो है वो बड़ी कहें कि बड़ी भारी तादाद में हो चुका है। ये जो SIR हो रहा है तो ये SIR से क्या वाकई illegals detect हो पा रहे हैं? वैसे उत्तर प्रदेश का और बंगाल का परिदृश्य मेरे हिसाब से अलग अलग होगा। लेकिन जैसे कि योगी जी कह रहे थे कि भाई ये देखो ये जन्म उत्तरी दिनाजपुर का है और रह ये संभल में रहे हैं।
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28:29Vikram SinghGUEST
संजय जी, जहाँ चाह वहाँ राह। जहाँ इच्छाशक्ति है तो सब कुछ संभव है। जब इच्छाशक्ति इनको बांग्लादेश से लाकर के land कराकर के इनके सारे papers बनवाकर, स्थानीय भाषा बुलवाकर के और पगडंडियों, जंगलों के रास्ते से लाकर के कश्मीर से लेकर के कर्नाटक तक, तमिलनाडु तक और यहाँ तक कि हमारे जो उत्तराखंड है, तीर्थसाल है वहाँ पर आसपास जाकर संवेदनशील स्थानों के आसपास और कश्मीर में जहाँ जहाँ आपने देखा होगा चरमपंथी आक्रमण होता है उसके इर्द गिर्द हर शाख पर उल्लू बैठा है। हर ऐसे स्थान पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी बैठा है। तो जरूर कहीं कोई उदासीनता, कहीं कर्तव्य के प्रति मैं समझता हूँ, अवहेलना और एक तरीके से जो प्रशासनिक चूक हुई है और एक तरीके से ISI का आप याद करें एक जो 10 years perspective था, उसमें यह था कि हर जिले में इनकी एक 25 हज़ार की कम से कम पहले चरण में जो संवेदनशील है जैसे UP में 18 जिले संवेदनशील हैं। पहले चरण में 25-30 हज़ार आदमी वहाँ बैठा दो। बैठा दो उसके बाद क्या करो? अच्छा ISI का तो model तो अपनी जेब से नहीं लगेगा fit कर ही रंग चौखा। जाकर ऐसा model तैयार करो कि cheap labor यानी human trafficking labor। हर चौराहे पर जब आप निकलते हैं तो आप देखते होंगे कि जैसे Christmas आने वाला नया साल तो Christmas की लाल टोपी और Christmas ये, ये handicraft बनाकर के जो आपकी garbage की recycling है, पूरा बांग्लादेशी और रोहिंग्या के हाथ में है। लखनऊ का एक estimate है संजय जी कि per day का 10 करोड़ का turnover garbage processing का है। अगर लखनऊ का per day का 10 करोड़ का है, आप समझ सकते हैं कि पूरे भारत की garbage और garbage के बाद सिर्फ processing ही नहीं, उसके byproducts को निकाल कर के जो खाली बोतलें होती है perfume की या powder की, उनको company को बेचना और उसके बाद garbage को भी recycle करके उसके products बनाकर बेचना। human trafficking उनको पट्टे पर जाकर के उनकी झुग्गी झोपड़ी बनवाना, उनसे फिर किराया लेना। यह भी उसी में आता है। फिर एक meter लगा करके उनको बिजली दी। वह भी चोरी की और चोरी के माल के ऊपर हम revenue और इकट्ठा कर रहे हैं। आपने तो सोचा भी नहीं होगा कि इतनी कल्पना शक्ति की उड़ान। माल मुफ्त दिले बेरहं। जमीन सरकार की उसका किराया लो। बिजली सरकार की उसकी भरपाई लो। पानी सरकार का उसकी भरपाई लो। Garbage हमारा आपका उससे products तैयार करो। Human traffic करो। नकली शराब बनाओ और वेश्यावृत्ति करो और घर में जाकर काम करो। मौका लगे तो घर में जाकर हाथ साफ कर लो। तो यह एक बहुत अच्छा business model ISI ने बनाया और एक बार जब मेरठ में आग लगी, इनकी झुग्गी झोपड़ी जल गई तो इनकी जो जब जल गई तो वहां के MLA साहब कहते हैं जो कि हो सकता वो रिश्ता भी हो दूर का। यह हमारी अमानत है। हमारा फर्ज है कि मैं इनको महफूज रखूं। हां जरूर रखूंगा। बड़ा गहरा रिश्ता है तुम्हारा। तुम्हारा जो है, यह तुम्हारी अमानत है और तुमको इनको महफूज रखना चाहिए। लेकिन इनको यह महफूज कर रहे हैं। वह हमें आपको सामान्य भारतीय नागरिकों को असुरक्षित कर रहे हैं। इसलिए यह जो search की प्रक्रिया है, यह तो वही बात है संजय जी। आपने देखा कि घर में कुछ सांप बिच्छू, कुछ अवांछनीय तत्व हैं। आपने कहा हमको सफाई करने से ना ना ना ना। वह आपकी उदारता के ऊपर प्रश्नचिन्ह लगा देगा। अगर आपने घर से सांप बिच्छू निकालें। अगर आपने घर से अपने चुट्टे ढोड़े निकाला। यह आपका फर्ज नहीं है। आपको दरअसल अहिंसावादी होना चाहिए। घर में बैठे सांपों को दूध पिलाना चाहिए और अगर कोई चुट्टा छिपा है तो उसके लिए छप्पन भोग की थाल लगानी चाहिए। हमारे यहां जो इसका विरोध कर रहे हैं, मैं उनको यही कहूंगा उनको जरूरत है करारे तमाचे की। जैसे कि Chief Justice ने वहां कहा, क्या इनके लिए हम लाल कालीन बिछा दें? हमारे संसाधन ऐसे हैं। एक पूरे ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या संजय जी। यह हमारे यहां पल रहे हैं। हमारे संसाधनों को खोखला कर रहे हैं। सरकारी अनुदान। वो चाहे जन धन योजना हो, चाहे गैस हो, चाहे चिकित्सा हो, चाहे कन्या धनराशि हो। लाभ पूरा ले रहे हैं। Tax एक पैसा नहीं दे रहे हैं। और यह एक दो लाखों करोड़ों की बात नहीं है। पूरा एक महाद्वीप ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या पल रही है। तो अगर हम अपने और अपने परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए इनकी जनगणना छोड़ दीजिए। Search के अंतर्गत कार्रवाई कर रहे हैं तो क्या गलत कर रहे हैं? और जो इसका विरोध कर रहे हैं उनकी pedigree के ऊपर बात कीजिए और उसमें जो कर रहे हैं मुझे उनकी देशभक्ति के ऊपर बहुत मुझे प्रश्नचिन्ह लगा रहा हूं मैं। योगी जी ने तो detention center भी बनाए हैं। कार्रवाई भी चल रही है। घोषणा भी हो रही है। और जब आप देख रहे हैं कि हजारों की संख्या में जो चिंतित हो रहे हैं, पलायन हो रहा है और एक ही जगह एक दफा आपने देखा कि बारपेटा 500 लोग निकल के आए। सवाल यह उठता है कि पूरा बारपेटा का, यहां पर कुनबा का कुनबा, गांव के गांव कैसे चले आ रहे हैं? उनको ला कौन रहा है? बसाया किसने?
Dangerous Doctors of Death: Anatomy of Radicalisation | Chakravyuh | EP 22
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Vikram SinghGUEST
The situation, Gauravji, has always been tough for the last 30 years as I can imagine.

Vikram SinghGUEST
If it is low, well, even a small incident can trigger off a communal situation.

Vikram SinghGUEST
If it is high and there's a resilience in the society, which there is, because India is second to none when it comes to giving a befitting reply to terrorism and radicalization.

Vikram SinghGUEST
But to your first question, how do I look at the statement, the statement which I would say almost a minute plus long on terrorism, his mobile phone.
More Blasts are Already Planned? | Inside Details of Delhi Red Fort Blast | Ex-DGP Vikram Singh
0:26

Sanjay DixitHOST
और आज का विषय है निश्चित रूप से दिल्ली blast के बारे में बात करनी आपसे अत्यंत आवश्यक है। अब यह जो Delhi Blast की जो हम देख रहे हैं, जो घटनाक्रम हो रहा है कि एक बहुत बड़ा जखीरा यानी दो हज़ार नौ सौ kilogram ammonium nitrate किसको कहते हैं लाखों लोगों को मार देने के लिए पर्याप्त है। इतना बड़ा जखीरा पकड़ा जाता है और मुझे तो यह दिख रहा है मेरा तो विश्लेषण ये है कि साहब कि वो जो बंदा था इसने उसके पास जहाँ जहाँ वह रख सकता था то उसने इसको कई जगह distribute करके रखा हुआ था क्योंकि साढ़े तीन सौ kilograms उसके घर में पाया गया। ये जो आपका मुजबिल नाम का जो शख्स था और बाकी और ढाई हजार से ऊपर दो हज़ार छह सौ करीब किलोग्राम किसी और जगह पाया गया। तो ऐसा नहीं लगता कि ये भाई साहब जो थे ये उमर नबी साहब इनके पास भी कुछ रखा हुआ था तो उसको लेकर निकल पड़े कि भैया इसका कुछ करो dispose करो क्या करो या फिर उनको लगा कि अब तो पकड़े ही जाएंगे तो चलो शहादत ही हासिल कर लो।
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1:37Vikram SinghGUEST
जी! संजय जी आपने बिल्कुल माकूल बातें कही हैं और यह चीज बिल्कुल भयावह है। दो हज़ार ग्यारह में September दो हज़ार ग्यारह में आखिरी bomb blast हुआ था दिल्ली में gate number पांच Delhi High Court में जिसमें पंद्रह लोग हताहत हुए थे उन्यासी घायल हुए थे। उसके बाद से चूंकि कार्रवाई बहुत अच्छी और माकूल हुई तो यहाँ करीब शांति बनी रही। आपने नाम लिया ammonia nitrate। Ammonia nitrate वो एक पदार्थ है जोकि आसानी से किसान लोगों के यहां खेती में इस्तेमाल होता है और खूब उपलब्ध रहता है। तो इसके लिए जो कि ISI का footprint है और चरमपंथी दुनिया भर में इसका इस्तेमाल करते हैं। क्यों करते हैं? क्योंकि एक तो इसकी मारक दूरी मारक क्षमता बहुत अच्छी है और इसलिए इन्होंने जो भंडारण किया तीनसौ किलो तो आपके घर में मिला और तीन हज़ार किलो मिला ये भंडारण में। अब हम उसकी बात करते हैं कि Oklahoma blast जो उन्नीस सौ पंचानबे में हुआ था Bombay blast जो हुआ था और इसके अलावा जयपुर दो हज़ार आठ, दिल्ली दो हज़ार आठ, मुंबई दो हज़ार ग्यारह, बेंगलुरु दो हज़ार आठ अहमदाबाद दो हज़ार आठ Maoist इसका इस्तेमाल करते हैं Landmine में और Time Square दो हज़ार दस में Faizal ने इसको इस्तेमाल किया था लेकिन वो diffuse हो गया था। IRA ने उन्नीस सो तिरानवे में Bishop Gate में इस्तेमाल किया। अब आप इसकी जो magnitude and quantum समझ लें कि अगर इसका इस्तेमाल हो जाए तो यह कहते हैं कि जितना यह उन्होंने ओकलाहोमा में किया था उससे भी ज्यादा इसकी मात्रा है तो क्या भयावह स्थिति उत्पन्न होती Sanjay जी। और यह जो इस्तेमाल हुआ है इसकी भी कार की steering अलग उड़ गई थी। मांस के लुथड़े कान, आंख हाथ जो मानव अंग थे, जो छितराए और खून से रक्त रंजित जो हो गया था। सौ मीटर की परिधि में और आसपास क्या है दिगंबर जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर, गुरुद्वारा तमाम महत्वपूर्ण पूजा स्थल वहां पर हैं और वहाँ पर इस प्रकार का ब्लास्ट होना।अब इसमें कुछ चीजें आपको देखनी होगी। इसका link पूरे ताने बाने का पुलवामा और अनंतनाग से निकाल करके आ रहा है yani कश्मीर का चरमपंथी। और दूसरी चीज़ यह है white collar ecosystem of terrorism.
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3:47Vikram SinghGUEST
अभी तक था कि मदरसे के अधकचरे लड़के इनको आपने चरमपंथी बनाए थे और जैशे मोहम्मद अजहर मसूद इन्होंने अब इसकी gear shifting ki जो professionals trained professional train process MBBS MD और यह जहां जाकर के सहारनपुर में इन्होंने नौकरी की और सहारनपुर में famous medical super specialty hospital वहाँ पर यह जो थे general medicine के चूंकि विशेषज्ञ थे इसलिए इनकी clientele भी अच्छी हो गई थी। वहाँ निकाह भी इन्होंने किया और जैश ए मोहम्मद जबके बन्दा very smart operative था और इसके तार केवल Kashmir से फरीदाबाद से नहीं अहमदाबाद से ही नहीं है। अहमदाबाद में भी चीन से किया हुआ एक MBBS doctor और उसने एक अरंडी के तेल जो caster seed oil जो होता है उस से एक इसने ऐसा जहर निकाला जो कि बहुत ही ज़्यादा उसकी Doctor अहमद मोइनुद्दीन सैयद और यह गुजरात ATS जिनको पकड़ा तो इन्होंने ricin ricin नाम का एक ज़हर synthesize किया जिसको कि अगर प्रसाद में मिला दें तो tasteless colorless odorless होता है something like potassium cyanide।लेकिन उससे भी ज़्यादा घातक इसकी क्षमता थी। तो یہ जैश ए मोहम्मद का तो नाम है लेकिन अपना outfit जिसका इनाम इन्होने नाम रखा है अंसार गजवातुल हिंद AGUH ।तो संजय जी ये स्थित ऐसी आ रही है।
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6:27Vikram SinghGUEST
जी यह नया appoint किया है उनकी बहन ने और उनके बहनों ही वही हैं जिन्होंने Indian Airlines की hijacking कराई थी। तो यह जो doctor साहिबा है Doctor इनके पास से AK47 मिला था। Dr शाहीन शाहिद, शाहिना शाहिद। तो यह तमाम जो चार doctors यहां और एक डॉक्टर अहमदाबाद में मिले अब इनका ताना बाना जरा समझ लें。AK47 एक मिली कश्मीर में फिर एक दूसरी मिली कश्मीर में एक मिली फरीदाबाद। फरीदाबाद में जो यह उमर थे ये जाकर के इन्होंने कमरा लिया और इस बुनियाद पर लिया कि हम यहाँ केवल सामान रखेंगे और कुछ नहीं करेंगे। सामान लेकर के यहाँ पर इन्होंने पूरा भंडारण किया एमोनियम नाइट्रेट का। यह जरूरी नहीं समझा मकान मालिक ने कि उनका सत्यापन करें। सहारनपुर में जब Doctor यह नौकरी पा गया जो internal medicine वाला था general medicine वाला इसके बारे में भी जब Doctor का बयान आया तो उसमें यह बहुत ही गैर जिम्मेदाराना तरीके से उसने कहा कि हमने MCI के प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी दे दी। अरे भाई MCI के प्रमाण पत्र तो आपका medical degree का सत्यापन करता है आपकी चरित्र का थोड़ी करता है। इसके बारे में जानकारी आपको प्राप्त करनी चाहिए थी police verification.
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7:37Vikram SinghGUEST
28 अक्टूबर को यह जैश ए मोहम्मद के पोस्टर लगाने के सिलसिले में वांछित था। अगर वह वहां पर वांछित था वहाँ पर उसकी गतिविधियां आपत्तिजनक थीं तो पुलिस से इसका लेटर था। MCi का letter यह पर्याप्त नहीं था। वैसे भी मैं आपको बता दूं NCR में एक और Medical College है नाम लेना ठीक नहीं है। वहाँ पर एक कश्मीर के Doctor साहब surgery करते थे और Head of the Department Of Surgery थे। दो साल बाद किसी ने गुमनाम दरख्वास्त दी। यह Doctor नहीं यह कश्मीर में Ward Boy था। कुछ वहाँ पर craft सीख लिया। अब यहाँ पर आकर के Head of The Department OF Surgery हो करके बड़े बड़े complicated abdominal और तमाम surgeries कर रहा है। जब मालूम पड़ा तुम आखीपाकी ये तो ward boy था इसकी कोई Degree ही नहीं है तो कम से कम इतनी सावधानी तो सब लोग बरत लें कि इस तरह के अवांछनीय लोगों को न आने दें। और यह पहले भी एक standard operating procedure आप जानते हैं कि अगर कोई आदमी असंभावित है असामान्य है और वहाँ के Topography में फिटिन नहीं हो रहा है तो हम केवल जांच करते हैं आरोप नहीं लगाते हैं। केवल जांच करते हैं प्रत्येक थाने में भारत के enquiry slip A और B का प्रावधान है सत्यापन का प्रावधान है कानून में भी प्रावधान है। तो सत्यापन कर लिया होता तो यह दुर्दिन नहीं देखने पड़ते लेकिन अब आप यह देखें कि AK47 locker में मिल रहे हैं AK47 swift desire मोमुना के car के boot में मिल रही है और AK47 अगर आप देखें तो वो mint condition में है संजय जी और बिल्कुल brand new 84 Cartridges empty Magazines Pistols और तमाम उसके cartridges pistols भी मिल रहे हैं इन तमाम चीज का ताना बाना अगर आप देखें और सबसे मज़े की बात कि जो आपने गाड़ी इस्तेमाल की है मज़े की बात यह है कि उस गाड़ी को ले कर के अगर आप उसकी dealing देखें यह Hyundai i20 है 2013 model इसको सलमान पहला owner है। उसने second Owner नदीम को बेचा। नदीम ने Car Dealer को भेजा Royal Car Agency और कार एजेंसी ने बेचा तारिक को तारिक ने बेचा उमर को। यह जो chain आ रहा है इसमें सब लोग जो है suspect है। मैं सबको suspect इसलिए मान रहा हूँ क्योंकि उन्होंने उस car का इस्तेमाल और इतने जल्दी हस्तांतरण किया। यह भी देखना होगा किस मूल्य पे क्रय विक्रय हुआ और आपने अगर इसको तारिक को दिया तारिक ने उमर को बेचा और तारीख और उम्र के बीच में अगर 12 Sim card का लेनदेन है तो ऐसा कौन होता है खरीद फ़रोख्त अमीर और तारीख में 12 sim card का लेन देन हो। 12 SIM Card अपने में ही लेन देन अगर है गलत नाम और सत्यापन से गलत पतों से गलत verification से वो अपने में ही बहुत suspicious है। यह संतोष का विषय है संजय जी कि इनकी mobile phones की forensic और cyber evaluation हो रहा है examination हो रहा है इनकी cookies तक का भी evaluation किया जाएगा। लेकिन जो भयावह स्थिति आई कि यह 12 sim cards अगर गए तो पहले तो ये बने कैसे? बने तो इनका हस्तांतरण कैसे हुआ? इनका interrogation चल रहा है और Interrogation में ये बातें प्रकाश में आ रही हैं।अब आप ये देखिए कि ये I20 पे हम फिर आ जाते हैं। संजय जी ये आ करके खड़ी होती है कहाँ पर?ये car parking में खड़ी होती है और तीन घंटे पार्क रहती है।6:48 पर ये बाहर आती है शाम को और 6:52 पे विस्फोट होता है और भयावह विस्फोट।जो लोग प्रत्यक्षदर्शी ये बताते हैं कि ऐसा प्रतीत होता था जैसे जमीन हिलने लगी है और बांस के लोथड़े बिखर रहे हैं खून के छींटे चारों तरफ जा रहे हैं।लेकिन दो तीन बातें जो लोग कह रहे हैं कि साथ एक तो sharpenel नहीं थे दूसरी चीज ऐसी कोई crater नहीं बना तो वो ज़रूरी नहीं कि हर जगह crater बने हर जगह sharpnel हों क्योंकि उन bombs में जिनमें ball bearing कील कांटे और इस तरीके के लोहे के टुकड़े नहीं डाले जाते हैं छर्रे वगैरह तो उसमें sharpness नहीं होते हैं और IED blast में इसका कोई प्रावधान भी नहीं है।आप तमाम CCTV जब आपने खंगाले तो दिखाई ये पड़ रहा है कि उमर एक face mask लगा कर के खैर दिल्ली में प्रदूषण बहुत ज़्यादा बढ़ गया है तो लोग फेस मास्क लगाते हैं तो उसको कोई आपत्तिजनक चीज़ नहीं मानी जाती है।अंततो गत्वा संजय जी!यह बात जब प्रकाश में आती है कि इस गाड़ी का विस्फोट होता है और इस गाड़ी का movement आप location देखें जो उन्होंने चुना।पहले तो यह देखें जो घटनाक्रम है कि एक module आपका अनंतनाग दूसरा module फरीदाबाद, तीसरा module आपका अहमदाबाद और चौथा module आप लखनऊ का मान लीजिए। ये इतनी देर में आपके पास 72 घंटे में इन चार modules sleeper cells का अनावरण हुआ है और highly professional educated sleeper cell ecosystem.
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12:25Vikram SinghGUEST
वो नहीं जिनको जिनके ऊपर कोई आपको suspicion भी ना हो और इस तरीके के sleeper cell का अगर जैश ए मोहम्मद ने create किया और इसके बाद इन्होंने जो एक इनको road map दिया हमें क्या लगता है कि जब इनकी arrest और recovery doctors की होने लगी यह अब पता गया कि इन्हें कुछ करना है क्योंकि जो desperation था कि आपके पहलगाम attack के बाद operation सिंदूर के बाद इनके अंदर की हताशा और बेकरारी और बेचैनी कि इनको कुछ करना है। अजहर मसूद और उनके परिवार के दस सदस्य जो थे ऑपरेशन सिंदूर में ये मारे गए। ये 72 हुरों के पास पहुंचा दिए गए。अब सवाल यह उठता था कि इनको भी कुछ दिखाना है। करोड़ों रुपए अरबों रुपए इन्होंने फूंका इतने sleeper cells तैयार किए और उसके बाद अगर कुछ न हो सब recover होते जाएं तो इसको कहेंगे गुनाह बिना लज्जत हुआ क्या? फिर इन्होंने देखा आओ दिखा बताओ हमें क्या लगता है कि इन्होंने कर दिया। अब दो बातें आती हैं क्या यह फिदाईन हमला था या IED हमला जोकि इत्तेफाकन blast हो गया?और मैं आपके सामने दोनों तरह-
Yogi का Bulldozer Justice! | मुसलमान दंगाइयों पर टूटा कहर | DGP Vikram Singh Decodes Big Yogi Action
5:42

Sanjay DixitHOST
मुजफ्फरनगर का दंगा हुआ था और मुजफ्फरनगर का दंगा जो था उसमें खास बात यह थी कि साहब कि अभियुक्तों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था और दंगा तब भड़का जब अभियुक्तों को छुड़ा दिया गया।
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5:55Vikram SinghGUEST
छुड़ा दिया गया, मतलब ढुलमुल तरीके से आप अगर देखें वो typical दंगा जैसे होता है, बरेली का दंगा थोड़ी है। बरेली वाला तो clash है पुलिस में, दंगाइयों में। और मुजफ्फरनगर वाला जो है clash between Hindus and Muslims और उसको रोकने की बड़ी नाकाम कोशिश पुलिस ने की। 21 अगस्त 2013 को लोग बताते हैं या तो कोई road accident हुआ motorcycle का या फिर एक लड़की के साथ छेड़खानी हुई और लड़की के साथ जब छेड़खानी हुई तो उसके दो भाई गए। दोनों भाइयों का नाम यह बताया जाता है कि सचिन और गौरव ये दोनों गए और शाहनवाज का कत्ल किया। लेकिन शाहनवाज के लोगों ने जब ये भाग रहे थे तो इनको पकड़ के इन दोनों को कत्ल किया। पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई जिसके परिणाम स्वरूप अगर आप ये देखें जो भयावह घटनाक्रम था। अगर आप मौतें देख लें 62 मौतें तो केवल मुजफ्फरनगर में हुई थी और 732 घायल थे। इसके अलावा अगर मौतों का figure आप देख लें तो मालूम आप थर्रा जाएंगे, लोग थर्रा जाएंगे क्योंकि अब ये बात 12 साल पुरानी हो गई है। 62 मुजफ्फरनगर में, बागपत में नौ, गाजियाबाद में नौ, सहारनपुर में पांच, मेरठ में पांच, बिजनौर में दो और शाबरी में दो। यानी कितना widespread ये था। और एक दंगे की स्थिति यह थी कि जब एक बेटी बचाओ रैली चल रही थी और रैली से जब लोग वापस आ रहे थे तो अल्पसंख्यकों के एक समूह ने ambush करके स्वचालित हथियारों से उन लोगों को मारा। लाशों को जोवल नहर में, जौली नहर में फेंक दिया। तीन लाशें फिर भी निकलीं, लेकिन तत्कालीन district magistrate ने कहा कुछ लोग missing हैं। समझ लीजिए कुछ लोग लापता हैं। हो सकता है कि वो डर के मारे पलायन कर गए होंगे। तो डर के मारे अगर पलायन कर गए होंगे तो उसके बारे में आपने जरूरी नहीं समझा कि उनकी गुमशुदगी लिख कर के उनका documentation, उनका नाम पता दें। वो भी नहीं हुआ। उन लोगों ने 18 ट्रैक्टर ट्रॉली में आग लगाई, तीन motorcycles में आग लगाई और उसके बाद जो है जो हिंसा का तांडव हुआ, ये आप खुद समझ सकते हैं कि धारा 144 लगी है तब भी ये हिंसा का तांडव हो गया। उसके बाद अगर आप देखें कि जो sexual violence हुई थी, 13 cases बलात्कार के लिखे गए। 13 cases जिसमें gang rape भी है। और मजे की बात जो आपने कही 111 लोग नामजद और एक भी गिरफ्तारी नहीं। आपने कहा गिरफ्तार किए गए, छोड़ दिए गए। यहां rape और gang rape के cases लिखे गए और उसमें गिरफ्तारी नहीं हुई। आप समझ सकते हैं किस तरह का ढुलमुंड और लुंजपुंज प्रशासन था। और जौली नहर का जब वाकया हो रहा था, स्वचालित हथियार तो चश्मदीद गवाहों ने यह कहा कि पुलिस वहां मौजूद थी। उन्होंने कार्रवाई नहीं की। लगभग 20 साल के अंतराल में संजय जी फौज लगी। वरना 20 साल तक उत्तर प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को लेकर के फौज नहीं बुलाई गई। Supreme Court ने जो कड़ी और तल्ख टिप्पणी की कि शासन प्रशासन की बिल्कुल मूक सहमति, मूक सहमति न कहें, लेकिन उन्होंने सरकार को बिल्कुल आड़े हाथ लिया और उनका जो कोई भी दोषी हो, किसी भी राजनैतिक दल से संबद्ध हो, किसी भी राजनैतिक दल का कुछ भी हो उसकी करें गिरफ्तारी। उन्होंने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथ लिया। केंद्र सरकार से भी कहा आपने जरूरी नहीं समझा कि जो intelligence input है वो सरकार को दे। हालांकि केंद्र सरकार दे या न दे वो बात दूसरी state government के अपने channels होते हैं। वो अपने level पर कर सकती थी। लेकिन central government भी लगता है बराबर की complicit थी और उसने भी कोई कार्रवाई नहीं की। परिणाम आपके सामने है कि मुजफ्फर ऐसा भयावह दंगा, मैं समझता हूं कि दशकों बाद इस तरीके की भयावह स्थिति आई। अब हम बात कर लें थोड़ा बरेली के बारे में बात कर लें। अब आपको एक प्रतिष्ठा कि आपका मुजफ्फरनगर का दंगा police कर्मियों को बिल्कुल किंगकर्तव्य विमूढ़ होकर के प्रत्यक्षदर्शी बने। साक्षी भाव से बिल्कुल, साक्षी भाव से। न हर्ष विषाद न कछु आवा, न हर्ष न विषाद। बंदूकों पर ग्रीस लगा कर के हम बैठे हुए हैं। लाठी हमने गाड़ी में अपने वाहन में रख दी है। किसी तरह का तांडव हो रहा है तो बस ठीक है भाई। अब हम क्या बोलें? अगर इधर जाएं तो भी गड़बड़, उधर जाएं तो उधर भी गड़बड़। यह जाता था कि शायद एक अघोषित मामला यह था कि आप एक पक्ष के ऊपर बल प्रयोग या गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करेंगे। यह भी एक आम चर्चा थी। कहां तक सही, कहां तक गलत, यह तो खैर तब की बात है। लेकिन एक commission भी बना था और commission ने अपनी findings भी दी थी। और commission की findings में जो जैसा कि आपको भी याद होगा कि किसी का उत्तरदायित्व निर्धारित नहीं किया गया था। यह तो संजय जी बात हुई आपकी तब की। अब हम इसकी बात कर लें जो अभी बरेली में किसी ने दुस्साहस किया इनके और इनके cohorts ने। आप याद करें कि यह दंगा 26 सितंबर को हुआ। आज इस दंगे की तेरही है। आज उस दंगे की तेरही है। तेरहवां दिन है।
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12:23Vikram SinghGUEST
लेकिन इन्होंने कहा कि नमाज का एक time होगा और एक time होगा। इसलिए उन्होंने यह भी कहा कि हम लोग कहीं नहीं जाएंगे। अपने अगल-बगल की मस्जिदों में नमाज पढ़ेंगे, अपने-अपने घर चले जाएंगे और इस्लामिया कॉलेज कोई नहीं जाएगा। और यह जो खत था, जो इन्होंने पुलिस को दिया, वह अपने IMC के Facebook के page पर लगाया। उसका screenshot लिया। अब आप देख रहे हैं दिमाग कैसा चल रहा है। उसका screenshot इंतजाम में भेजेगी। साहब हमने सबको कह दिया सब लोग अपनी-अपनी पड़ोस की मस्जिद में ही नमाज अदा करें और वहीं से अपने-अपने घर चले जाएं। कोई भी इस्लामिया कॉलेज नहीं जाएगा। उसके बाद इसको इन्होंने यह पन्ना delete कर दिया और यह version है अनुराग आर्या का। अनुराग आर्या जो SSP हैं बरेली के। अब उन्होंने यह कहा कि अब तैयारी तो अब plot जो है थोड़ा गाढ़ा हो रहा है। The plot is thickening now.
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13:14Vikram SinghGUEST
इसके बाद इनके जो Doctor नफीस हैं, जो इनके सर्वे-सर्वा हैं, rent collector हैं, financial manager हैं, इन्होंने कहा यह दस्तखत हमने नहीं किए हैं। यह बिल्कुल एक भ्रम की स्थिति को उत्पन्न कर रहा है। सब लोग इकट्ठा हों, सब लोग चलें और जरूरत पड़े तो पुलिस वालों के हाथ काट दें और उनका कत्ल कर दें। मैं फिर से कह रहा हूं, यह बेहूदी की बातें जो उन्होंने कही हैं, यह recorded है WhatsApp conversation में कि पुलिस वालों के हाथ काट दें आज इस पार या उस पार, आज इस पार या उस पार। सवाल यह उठता है कि 5 सितंबर को उन्नाव, कानपुर में घटना हुई I love मोहम्मद। अब I love मोहम्मद तो इसमें कोई बुराई है नहीं। आप जिसको love करें यह आपकी जाती जिम्मेदारी है। खूब love करें, हजार बार करें, एक करोड़ बार करें। लेकिन toolkit का part अगर आप देखें, पहले तो मोहम्मद Prophet का नाम लेने से पहले आदरसूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। अंग्रेजी में हो तो Peace Be Upon Him, हिंदी-उर्दू में हो, अरबी में हो हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। उसका एक तरीका है यह आप जैसे अपने नाती या नौकर से बात कर रहे हैं। यह नहीं कहते I love Prophet.
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14:19Vikram SinghGUEST
अब आपने लगता है Archie's Gallery से प्रभावित होकर अमेरिका में वह चाचा ने वह रंगसीयार एक चाचा अमेरिका में बैठा है। उसने Archie's Gallery से एक card मंगाया और कलेजा, वैसे कोई कलेजा लगा के दिखा दे तो मालूम पड़ जाएगा। कह रहे हैं साहब बड़ी बेहूदमती हो गई और आपसे जब कहा जाए कि यही चीज आप अपने ठेले, अपनी दुकानों पर लगाएं तो बड़ी आपत्ति क्यों साहब? वहां तो लगेगा जय श्री राम, जय श्री गणेश और इस तरीके के banner और poster लगेंगे। लेकिन जब वह भी आपको कहा गया कि अपना आपने अगर लगाएं उसमें कोई दिक्कत किसी को नहीं है। लेकिन मनमाने तरीके से अब आप आ जाएं गोरखपुर में या Eastern UP में कि हमारी खामोशी को कमजोरी न समझी जाए। मैं आपको एक वाकया दिलाता हूं याद। मैं एक young SSP था एक जिले में तो एक वकील साहब आए। बड़े बबालिया वकील साहब थे और बातचीत में अपनी दरख्वास्त दी। उन्होंने कहा, "सर मैं आपको बता दूं, मैं अपनी मां की बड़ी इज्जत करता हूं और उसके ऊपर किसी ने आंख उठाई तो मैं उसे गोली मार दूंगा, चाहे वह आप ही क्यों न हो।" हमने कहा वकील साहब हमें लगता है कि आपका दिमागी संतुलन बिल्कुल बिगड़ा हुआ है। आप तो लड़ते हैं, लगते हैं बरगद के सांड की तरह। आपकी मां कौन है? उनका नाम क्या है? पहले यह बताएं कि मेरी और आपकी पूजनीय माताजी से कभी मेरी मुलाकात हुई है। आपकी पूजनीय माताजी कभी मेरे दफ्तर में तशरीफ लाई हैं। मैं कभी आपके घर में मैंने हाजिरी लगाई है और अगर नहीं हुई है, किस बुनियाद पर आपने यह कहा कि अगर आपने भी मेरी मां की तरफ कुदृष्टि दिखाई तो मैं गोली मार दूंगा। आप लड़ाई के बहाने ढूंढ रहे हैं। वकील साहब आपका मानसिक संतुलन है गड़बड़। मैं अभी आपको भेजता हूं जाकर के किसी psychiatrist से दिमागी चिकित्सा कराऊंगा मैं आपकी और भेजूंगा जेल आपको। यह इस तरीके की भड़काऊ बातें कि शुरुआत आप करेंगे I love so and so.
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16:01Vikram SinghGUEST
Love, love के साथ हमारे सब्र को कमजोरी न समझी जाए और उसका अगला जो है गर्मी जैसे geyser के पानी से ठंडे से गुनगुना से खोलता हुआ सर्पन से जुदा। आपने दरअसल एक roadmap तैयार कर लिया है और उस roadmap के चलते संजय जी आप बहाने ढूंढे कोई हमसे टकरा जाए। हमने कहीं लगा दिया तब लड़ाई होगी। हमसे किसी ने कुछ कह दिया तो लड़ाई होगी। वरना आपने एक तरीके से जो आप लड़ाई और जो तरीके की आप disturbances पैदा करना चाहते थे, यह toolkit का एक part था। अब बरेली में क्या हुआ? दरअसल से यह wrong number dial कर दिया तौकीर रजा खान ने और IMC ने। Wrong number dial करने के बाद अगर आप देखें इनके जो है, इनकी जो दुकानें गिरा दी गई, इनके करोड़ों रुपए की संपत्ति, मुझे बताया जाता है कि डेढ़ सौ करोड़ की इनकी संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है। दुकानें ध्वस्त हो चुकी हैं और अभी भी किसी debate को आप देखें TV पर। किस कानून के तहत हमारे यहां demolition हो रहा है। सारी दुनिया जानती है किस कानून के तहत। Section 27 Urban Development Act और Supreme Court की guidelines.
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17:07Vikram SinghGUEST
कोई माई का लाल Supreme Court नहीं जा रहा, High Court नहीं जा रहा कि contempt तो कर दो भाई अगर कोई गलती हुई है हमसे। वहां कोई नहीं जा रहा है। अब बात आते हैं कि social media patrolling के माध्यम से बरेली पुलिस को यह पता लग गया कि इनकी planning है जबरदस्त और इन्होंने, इन्होंने तमाम तैयारियां संजय जी की हैं बवाल करने की। लेकिन चूंकि पुलिस तैयार थी, इनके जैसे संभल में भूसा भर दिया, यहां भी भूसा भर दिया। वही था अब victim card.
May 7, 2025 – PBS News Hour full episode
11:22
12:29
Amna NawazHOST
In terms of how India would view a Pakistani response, what would be seen as deescalatory versus a potential escalation in these tensions?
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11:30Vikram SinghGUEST
I mean, I, I think India is trying to reestablish deterrence over terrorist strikes emanating from Pakistan.
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11:36Vikram SinghGUEST
The Indian view is quite simply that the attack that happened two weeks ago, um, which was worse in some ways than prior attacks because it didn't target the military.
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11:46Vikram SinghGUEST
It pulled, uh, Hindu men away from their families at a tourist site and they were massacred in front of their families and the, the way that's resonated in India has really pushed India, uh, officials to have a strong response like we've seen.
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12:04Vikram SinghGUEST
I think both sides know that escalation gets more complicated to manage, not less complicated if you don't take any off-ramps.
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12:11Vikram SinghGUEST
So the one indication is if a jet was brought down, one or more, could the Pakistanis use that as, as an off-ramp and say, "Look, you can do this stuff.
Amna NawazHOST
Do you take that as a positive sign that this will somehow be mediated to a deescalation between the two nations without a third party intervening?
