
Shashi Sharma
Associate Professor of Home Science at Government Arts Girls College, Kota, and Rajasthan's first woman wildlife photographer.
1
APPEARANCES
1
PODCASTS
012
DEC 30
JAN 6
JAN 13
JAN 20
JAN 27
FEB 3
FEB 10
FEB 17
FEB 24
MAR 3
MAR 10
MAR 17
MAR 24
MAR 31
APR 7
APR 14
APR 21
APR 28
MAY 5
MAY 12
MAY 19
MAY 26
JUN 2
JUN 9
JUN 16
JUN 23
JUN 30
JUL 7
JUL 14
JUL 21
JUL 28
AUG 4
AUG 11
AUG 18
AUG 25
SEP 1
SEP 8
SEP 15
SEP 22
SEP 29
OCT 6
OCT 13
OCT 20
OCT 27
NOV 3
NOV 10
NOV 17
NOV 24
DEC 1
DEC 8
DEC 15
DEC 22
DEC 29
JAN 5
JAN 12
JAN 19
JAN 26
FEB 2
FEB 9
FEB 16
FEB 23
MAR 2
MAR 9
MAR 16
MAR 23
MAR 30
APR 6
APR 13
APR 20
APR 27
MAY 4
MAY 11
MAY 18
MAY 25
JUN 1
JUN 8
JUN 15
JUN 22
JUN 29
JUL 6
JUL 13
JUL 20
JUL 27
AUG 3
AUG 10
AUG 17
AUG 24
AUG 31
SEP 7
SEP 14
SEP 21
Aug 6, 2026
Rajasthan's First Woman Wildlife Photographer | Dr. Shashi Sharma
26:27
31:27
31:36

Shashi SharmaGUEST
अ तो यह बात है कुंभलगढ़ करके यहां wildlife sanctuary है उदयपुर के पास में और हम उस समय पाली रहते थे तो वहां पर एक औदी बनी हुई है और अ forest department कुछ-कुछ जगहों पर water अ bodies बनाता है, water holes बनाता है ताकि summers में birds को और animals को पानी मिल जाए। तो उस औदी को मैंने थोड़ा सा सफाई वगैरह करवाई और मैं अ वहां पर अपना tripod और यह सब जमा के बैठी थी और मुझे grey jungle fowl अ shoot करना था और मैं बहुत-- अच्छा मैं पता नहीं क्यों मतलब कई बार मुझे लगता है कि मैं जितना डरना चाहिए उतना भी नहीं डरती हूं। मुझे समझ में नहीं आता कि यह क्यों है और मैं बड़ी confidently अ वहां बैठी थी और अ अचानक मुझे थोड़ी देर बाद में प्यास लगी तो मैंने water bottle लेने के लिए मैं पीछे घूमी तो मैंने देखा कि एक बड़ा सा बिच्छू जो है वो मेरी तरफ दौड़ता चला आ रहा है और मैं मतलब इस position में थी कि मैं हिल ही नहीं सकती थी। वो जिस speed से आ रहा था तो मुझे समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं। तो मैंने उसके ऊपर अ जो मेरा mobile का torch था, मैंने उसकी light डाली तो वो रुक गया। अब मेरे सामने फिर मैंने क्या किया कि जो भी मेरा सामान मैंने फैला रखा था, मेरा camera bag था और यह काफी सारी चीजें मैंने अपने आसपास फैला रखी थी। तो मैंने वो सारी चीजें bag में डाली धीरे से और जो मेरी अ jungle chair जो होती है वो रखी थी पास में। मैं एक stool पर बैठी थी तो वो मैंने पूरा bag उठा के और उस chair पर रखा ताकि मेरे आसपास में clutter ना हो कि जिसमें वो आए और मुझे पता ना चले। फिर उसके बाद में मैं कुछ अ देर के लिए देखती रही कि अब इसका क्या करूं। अ यह तो risky मामला है। यह तो कभी भी आ सकता है तो मैं बाहर bird, बाहर bird को देखूं या इसको देखूं। थोड़ी देर तक तो मैं उसको देखती रही। फिर मैंने कहा कि अब यह मेरे साथ में acclimatized हो चुका है और मेरे ख्याल से यह मेरे साथ कुछ नहीं करने वाला है। तो मेरे अ पास में एक chamber था, एक room था जिसका छोटा सा दरवाजा था। तो राजस्थान में ऐसे rooms होते हैं जिनका छोटा सा दरवाजा होता है। वो एक store room की तरह use होते हैं।

Piyush ThakkarHOST
ये-ये तो बात हो गई अ-एक birder का या photographer की safety की। अब बात करते हैं bird की safety।

Shashi SharmaGUEST
Bird की safety के लिए अ-अगर आपने जो मैं अ-मतलब अभी follow करती हूं कि अगर आपको bird का एक अच्छा photo मिल गया है तो मुझे लगता है कि आपको उसे छोड़ देना चाहिए उसके घर में। अ-सच पूछूं तो कई बार मुझे लगता है कि मुझे bird photography करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए। मैं बहुत बड़ी बात बोल रही हूं इस platform पे कि मैं बहुत बार इस सवाल से गुजरी हूं कि bird photography करना अ-कहीं birds को परेशान तो नहीं कर रहा। क्योंकि मतलब हमारा तो ये शौक है और birds जो हैं वो मतलब हम उनके घर में भी उनको चैन से नहीं रहने दे रहे हैं। और specially ये calls बजाना और फिर उनको अ-मतलब आजकल तो बहुत सारी चीजें सुनने में मिलती हैं कि उनको ललचाने के लिए, अच्छे shots के लिए कुछ-कुछ अ-मतलब उनके अ-जो prey हैं उनको डाल दिया जाता है और बहुत सारी चीजें हैं। तो ये सब सुन के ना मैं कहीं ना कहीं बहुत व्यथित हो जाती हूं कि अ-मतलब सिर्फ एक shot के लिए और या फिर हमें कोई अ-मतलब award मिल जाए, कोई recognition मिल जाए उसके लिए हम किस limit तक जाना चाहेंगे? हम हमारी limit कहां set करते हैं? फिर जब मैं पूछती थी कि मैं क्यों करती हूं bird photography तो अ-मुझे मेरे अ-mentors और उन लोगों से यही जवाब मिलता था कि एक तो अ-ये जो activity होती है jungles में हम लोग जाते हैं, करते हैं। तो जो poaching हो रही है वो काफी हद तक reduce होती है। क्योंकि otherwise अ-वो unapproachable area है। तो जो poachers हैं वो अ-कभी भी वहां जाकर और अपनी अम्म-कार्यवाही कर सकते हैं। लेकिन वहां moments होते हैं तो इतना आसान नहीं होता। जैसे अ-मैंने कई बार अ-जो winters में ducks आती हैं, goose आती हैं, उनके लिए मैंने अ-फंदे लगे हुए देखे हैं। कितनी बार मैंने वो फंदे निकाले हैं। पानी में जो जाल लगे रहते हैं वो निकाले हैं। कितनी बार report किया है department को कि यहां ये activity हो रही है तो आप उसका ध्यान रखो। अगर मैं जंगल में नहीं जा रही होती, इन सारी चीजों के बारे में मुझे नहीं पता चलता होता।