Skip to main content
Ram Dass

Ram Dass

American spiritual leader and guru

Jun 18, 2026

3:30
That is my true nature.
3:34
That's yeah.
3:38
You are always-- You, you will always exist.
3:45
Isn't that reassuring?
4:31
You can just keep, keep taking off all these layers and layers and layers of things until you get down to pure awareness and pure love, and that's who you are.
4:50
I remember, I remember, uh, s- I've written about this so much, but my mushroom trip at Tim's house, and I, uh, as a...
5:14
It was the first time.
5:18
And I went in a, a dark room, and I-- It was as if there was somebody in there, but I didn't know who, but somebody on the corner, in the corner, and it was me.
speaker_0ADVERTISER
1:15
If you would like to support this podcast, please visit beherenownetwork.com/donate.
1:30
Yoga of your life, of your karma.
1:42
I got to clo- closer to God because He came along, and He was in my vision.
2:00
Now I'm wondering whether my hip got me to God.
2:13
It's certainly been in my vision.
2:19
[laughs] Uh, the stroke I had, Mickey Lemle, a, a filmmaker, he, he, he did a film on me and, um, he called it, um, Fierce Grace.
2:40
The, the Fierce Grace.

26 MINS LATER

28:46
So we were just talking about how practices of bhakti help bring about that state of antahkarana shuddhi, things like, uh, kirtan and like mantra, repeating the names, the vibration of the names, and just the act of bringing the mind out of its associative, uh, thinking and back into sort of one-pointed awareness calms the mind down so that you experience the heart, you experience the open heart, which is a, is the perfect doorway into your own true nature.
18:11
नेइस बार उनकी बंगाली pride, बंगाली पहचान, बंगाली तहजीब, बंगाली culture उनके साथ समेटे रखा और समेटने के बाद इस अंतर को समाप्त कर दिया कि हमें ये जो बाहरी post करती हैं, ये हम बाहरी नहीं हैं, हम यहीं के हैं। और यही वजह था कि प्रधानमंत्री हों, चाहे गृहमंत्री हों, चाहे central नेतृत्व हो, वो सारे पीछे रहे। 5 तारीख को याद कीजिए PM की पहली रैली थी। उससे पहले शुभेंदु ही शुभेंदु। बंगाल भाजपा लड़ी और ये काम कर गई। जी। एक बात मैं इसमें add करना चाहूंगा। बाबा जी से टिप्पणी लेने के पूर्व कि यदि आप बंगाल का मूल चरित्र देखें, आप देखेंगे कि जो हमारा जो हिंदू राष्ट्रवाद है, उस हिंदू राष्ट्रवाद के जो प्रखर पुरोधा हैं, वो बंगाल से आए हैं। आप बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को ले लें, वंदे मातरम। आप चंद्रनाथ बसु को ले लें, हिंदुत्व। आप स्वामी विवेकानंद को ले लें जिन्होंने पूरे विश्व में भारत की एक अस्मिता स्थापित की और उसके बाद आप महर्षि अरबिंद को ले लें जिनका जो ध्येय वाक्य है वो हमारे जयपुर dialogues का भी संकल्प है। हम सभी ने उसको adopt किया है कि सनातन धर्म ही राष्ट्रवाद है। चाहे हम गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को ले लें जिन्होंने 1940 के आसपास उनको भी समझ में आ गया था कि भैया ये मुस्लिम और Christians जो है ये सभी को अपना दुश्मन मानते हैं। ये उनके वाक्यों में भी परिलक्षित होता है। उन्होंने ही जन गण मन अधिनायक जैसा आपको दिया। जन गण मन अधिनायक जिसको कि कई लोग पता नहीं क्या-क्या बोलते हैं। जबकि अगर आप उसको पूरा पढेंगे तो आपको पता चलेगा कि वो भगवान कृष्ण के स्तुति है। उसमें चिर सारथी का वर्णन है। तो ये जो basics है इसको जो communist ने और ये गुंडों ने क्योंकि TMC का कोई भी किसी भी प्रकार का कोई ideology इनकी थी नहीं। इनका कोई वैचारिक धरातल था नहीं। इनका केवल और केवल गुंडागर्दी वाला मामला था। इन्होंने CPM की ideology तो inherit की नहीं। हां, उनका जो गुंडा चरित्र था वो पूरा का पूरा ले लिया। तो ये जब basic है तो इनकी ही ज्यादतियों ने एक ऐसी स्थिति बना दी कि जिसमें जो बंगाल का मूल चरित्र है, राष्ट्रवाद का, हिंदू राष्ट्रवाद का वो निखर के आ गया। बाबा जी। सर आपने बिल्कुल सही कहा पर मैं एक बात बताऊं। नेताजी नेताजी सुभाष को तो मैं भूल गया बोलना। भारत की स्वतंत्रता ही आजाद हिंद सरकार की देन है। हां, वहां से लेकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक आप देखिए जनसंघ का उदय। दीपक ही वहीं से जला, बाद में बुझाया और ऐसा बुझाया सबों ने communist ने, comrads ने कि बूटों तले रौंद दिया उस दीपक को। तो वो भी एक पुराना DNA तो था ना जो इस बार निकल के आया। पर सर एक बात बताऊं। मैं ये मान मेरा यह मानना है कि जो TMC है, है तो वो आखिर Congress की ही नाजायज औलाद ना। और communist ने Congress की ही techniques को जो carry forward किया ना। by hook और crook किसी भी तरह चुनाव जीतना और गुंडों को ticket देना, गुंडों से चुनाव जीतना, पूरी गुंडागर्दी करना, अपने विरोधियों को सबसे पहले voter list में मत आने दो। अगर आ जाए तो बूथ तक मत आने दो। बूथ में भी घुस के उसकी जगह खुद vote देना। ये सारी techniques origin- एक minute, एक minute बाबा जी रोकूंगा आपको। इसलिए रोकूंगा कि मैं उस समय का साक्षी हूँ जब सत्ता परिवर्तन Congress से left में हुआ था। 1977 में October में मैं कोलकाता गया था और Congress के और communist के चरित्र में काफी अंतर है। ये बदमाशियां जो थी ये 67 में जब पहली बार communist सरकार आई थी तब आरंभ हुई थी। ये जो militant trade unionism, industry जो captains थे उनको भगाया जाना, लोगों की गर्दनएं पकड़ना। ये, ये सारे काम जो थे left में। फिर नक्सलवाद का उदय उसी समय आपके late sixties में ही तो नक्सलवाद का उदय हुआ था। तो ये मैं आपसे सहमत नहीं हूँ कि Congress की ही संस्कृति उन्होंने आगे बढ़ाई। ना उन्होंने अपनी नई संस्कृति थोपी है और हमारे मेरे देखते देखते थोपी है। 77 से 81 तक मैं कलकत्ता में था। मेरे देखते देखते चीजें परिवर्तित हुई हैं। नहीं पर सर गुंडागर्दी वाला जो character था ना लोकतंत्र को किसी भी कीमत पर कब्जा करके अपने पक्ष में निर्णय लेने वाला जो Congress का जो character था उसको एक अलग caliber में अलग एक ideology के तहत अलग तरीके से बेशक कर लिया होगा। पर लोकतंत्र को पे कब्जा करना, booth capturing, गुंडागर्दी वो तमाम जो characters थे। भाई 77 में इन जो इंदिरा गांधी के खिलाफ जो गुस्सा था emergency वाला उसको भुनाया उन्होंने। सत्ता परिवर्तन हुआ और उसके बाद अगले 34 साल तक जिस तरीके से सरकारी तंत्र द्वारा संगठित गुंडागर्दी से लोकतंत्र पे कब्जा किया। एक मजे की बात बताऊं आपको? हमने देखा एक मजे की बात बताऊं आपको? 1977 का जब चुनाव हुआ तो left front जो था वो जनता party के साथ ही चुनाव लड़ रहा था। तो जनता party ने left front को कहा कि हम तुमको 75 से ज्यादा सीटें नहीं देंगे। तुम 75 सीटों पर लड़ लो। तो उस कारण से उनका जो है वो मतभेद हुआ और वो बातचीत टूटी और फिर ये लोग अलग लड़े। इनको स्वयं को विश्वास नहीं था कि इनकी सरकार आ जाएगी। और जनता पार्टी की वो जो मूढ़ता थी उसने communistों को यहाँ 34 साल का शासन दे दिया।
24:36
अच्छा अवनीश जी, आपने कहा ना कि भाई इनका तो पुराना culture है। ये 70, 70 में भी वो आर के लक्ष्मण का cartoon था। एक बात बता दूं आपको। अभी भी जो यह election हुआ है ना मैं इसको पूरी तरह से जनता के मन का जनादेश नहीं मानता हूँ। अभी भी ये इसमें दाग है। अभी अगला लोकसभा चुनाव आने दीजिए। अगले लोकसभा चुनाव में जब जनता वाकई निर्भय होकर vote करेगी तब पता लगेगा कि actually vote share क्या आता है और मेरे हिसाब से अगर ये BJP को 60% cross कर जाए ना बंगाल में तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा। अच्छा एक चीज और बताऊं आपको। आपको लगता है कि आज से पाँच साल बाद जब अगला विधानसभा चुनाव होगा तो इसी माहौल में होगा, यही गुंडागर्दी होगी और आपको लगता है कि उस वक्त भी 2 से 3 लाख paramilitary force लगानी पड़ेगी। आप देख लीजिएगा अगले पाँच साल बाद उतना ही शांतिपूर्ण चुनाव होगा जितना बाकी देश में होता है। यह जितना भी गुंडा culture है ना सर, यह आज की तारीख की अभी की आज की report बता रहा हूँ मैं। वहाँ पे गाँव गाँव में लड़के लोगों से, दुकानदारों से, public से कहते फिर रहे हैं कि अगर कोई भी टोलाबाजी, कोई गुंडा tax आपसे मांगता है तुरंत हमको report कीजिए, पुलिस को report कीजिए और किसी भी गुंडे को एक पैसे का tax नहीं देना है। यह public यह काम कर रही है कि कोई गुंडा tax अब पुराने वाले गुंडे भाजपाई बनके एक नई वसूली प्रारंभ कर दें। इसको public ने रोक दिया है। जितने वो अवैध toll plaza लगे हुए थे सड़कों पे और जो अवैध टोलाबाजी और carrom club की जो गुंडागर्दी थी वो सब तमाम एक हफ्ते में खत्म हो गई। अभिषेक बनर्जी रो-रो के बोल रहा है कि हमारे TMC कार्यकर्ताओं को अपना घर, अपना इलाका, अपना गाँव छोड़कर भाग जाना पड़ा है। बेचारों को कहीं ठहर ठिकाना नहीं मिल रहा है। हमारी जान सुरक्षित नहीं है। TMC कार्यकर्ताओं की एकदम सही बात है। कब तक paramilitary force बचाएगी? तो सर बात यह है कि आप देख लीजिएगा ये सारा गुंडा culture अगले पाँच सालों में एकदम गायब हो जाएगा और Bengal will be as peaceful as any other state in the country.
27:00
यह मेरा पूरा विश्वास है।

22 MINS LATER

48:59
तो यही उनको समझाना पड़ेगा इस बार। ये बाबा जी के narration ने काम होगा।
49:04
पंजाब में इस चुनाव में पंजाब में सिर्फ एक मुद्दा काम करेगा। वो है आए थे अमित शाह जी एक, एक बार बोल गए हैं कि हमको मौका दीजिए दो साल के अंदर पंजाब से drugs की समस्या हमेशा के लिए समाप्त कर दूंगा। Sir, इस बात का बहुत ज्यादा असर है पंजाब में क्योंकि पंजाब drugs से वाकई बहुत बुरी तरह से बस्त है। अब तक पंजाब में हेरोइन और चिट्टा और ये सब चलता था। अब वो जो एक नई drug आई है। पहले क्या था कि चिट्टा हेरोइन वाले लेके चुपचाप पड़े रहते थे, दिखाई नहीं देते थे। एक नई drug आई है उसका मैं नाम जानबूझ के नहीं ले रहा हूँ। उसमें क्या है कि जब आदमी ले लेता है ना तो वो खड़ा है सीधा या झुक जाता है, एकदम ऐसे झुक जाता है और वो घंटों वहीं उसी तरीके से statue बना हुआ सड़क के किनारे खड़ा रहता है और उसको उस दो घंटे के दौरान हजारों लोग देखते हैं। ये नई introduce हुई है इधर। पंजाब में पहले इसका प-चलन नहीं था। अब उसकी वजह से पंजाब में हजारों युवा उस condition में खड़े हुए झूल रहे हैं। उनकी videos बना रहे हैं लोग। एक तरफ युद्ध नशों के विरुद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ ये जो drug आई है नई वाली, ये इससे बहुत ज्यादा problem हो रही है और बड़ा बुरा माहौल बन रहा है। तो ऐसे में अमित शाह जी ने वादा कर दिया कि अब हमको मौका दीजिए। अब पंजाब में मैं आपको बताऊं, मैं कुछ ऐसे कट्टर radical सिख पंथीक families को जानता हूँ जो BJP और मोदी का नाम नहीं सुनना चाहते थे। उन्होंने कहना शुरू किया है कि नहीं, एक मौका तो लगता है BJP को देना ही पड़ेगा। नहीं तो पंजाब बर्बाद हो जाएगा। तो sir ये और जिस तरीके से बंगाल का चुनाव लड़ा गया है, उतने ही दृढ़ संकल्प के साथ अगर इस बार BJP आ गई पंजाब में तो जीत पक्का मिलेगी। सिख vote देंगे और सुनिए हिंदू vote से नहीं जीतेगी BJP, सिख vote से जीतेगी। क्योंकि law and order और drugs ये जो दो मुद्दे हैं और भाई विकास के मामले में तो भाजपा का report card बहुत अच्छा है ही है। योगी जी सबसे बड़े model हैं कि किस तरह law and order control किया जाता है। बाकी केंद्र चाहेगा, सहयोग मिलेगा तो drugs की समस्या का भी हल निकलेगा और पंजाब बिल्कुल इस बार vote देगा। बंगाल से बहुत ज्यादा असर पड़ा है। अवनीश जी एकदम सही कह रहे हैं।
speaker_3ADVERTISER
14:14
Delivery fees may apply.
14:22
You, um, may not be familiar, uh, with the Buck Ramayana, but it's a, uh, incredible story of Ram and Hanuman, and it's, it's based on the Valmiki Ramayana, which is the, um, original Ramayana.
14:39
And, um, Buck was an interesting fellow that did that.
14:48
He, um, he was a young fellow, married, and he was, uh, he went into the library in Carson City, Nevada, and he came across the Bhagavad Gita.
15:03
And it touched him so deeply that he started to translate the Mahabharata and the Ramayana, two of the major large volumes of spiritual, uh, root literature, devotional root literature in India, into, uh, books that are very easy to read and understand.
15:26
He made them simple for us and beautifully done.
15:29
Done with great poetry.

20 MINS LATER

speaker_7SOUNDBITE_SPEAKER
35:55
[laughs]
11:17
Hindu
11:18
...
11:18
Hindu.
11:18
And he said, "You were out under the stars last night, and you were thinking about your mother.
11:25
Your mother w- had died." And I said, "Yes.
11:32
Now, how did he know that?" But he, he said, "Spleen," which is just the, the, the name of the organ that killed my mother.

5 MINS LATER

17:01
You got stroked, what you call it.
17:03
That stroke.

We value your privacy

We use cookies to understand how you use our platform and to improve your experience. Click “Accept All” to consent, or “Decline non-essential” to opt out of non-essential cookies. Read our Privacy Policy.