Oct 24, 2026 · 1 hr 1 min · 10 segments
Internal Security Issues Diffused by ModiGovt? | Rubio | Asim Munir in Iran | PRShankar, VibhutiJha
P. R. ShankarGuest
Vibhuti JhaGuest
Sanjay DixitHostNo entities detected.

देखिए, यह प्रदर्शन, protest, CJP डूबके-डूबके यह सब खत्म हो गया। But यह तो फसाद है। जो मैं बताना चाहता हूँ, यह फसाद है। अभी कुछ you know, for the past four-five months मैं बार-बार यह चीज प्रकट भी कर चुका हूँ और आज दोबारा प्रकट कर रहा हूँ। आजकल भारत का उन्नति और प्रगति में सबसे बड़ा, अ, hurdle आएगा internal issues के जरिए। और यह internal issues भी जो बाहर से आते हैं। और यह हमने देखा पिछले तीन-- दो, दो attempt हो गए हैं actually। एक तो, अ, वो exam की वजह से और उसमें तो successful हो गए कि एक मंत्री को निकाल दिया, Central Minister को। आसान बात नहीं है। और दूसरा attempt हो रहा है कि election commissioner को निकालो और कभी बोलते हैं कि भाई मोदी को निकालो, यह निकालो। इरादा बड़ा नेक है इनका। अ, नेक नहीं, बड़ा clear है इनका। Okay, इरा-- we should be very clear कि इनका इरादा क्या है। जो भी हुआ है अभी यह थोड़ा you know, it's only a setback to this system, ecosystem.

हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि यह टक-- खतरा टल गया है। खतरा नहीं टला। In fact, खतरा और बढ़ गया है। एक मैंने एक image का file है। अगर आप उसको आगे करेंगे तो मैं समझाता हूँ क्या है, क्यों है, कहानी कहाँ है यह। एक ही file है। Screenshot है एक। Right?

अगर load कीजिए। उससे मैं समझाता हूँ। यह देखिए। यह चंद एक-डेढ़ घंटे पहले की कहानी है यह। यह headline South China Morning Post से निकला है। Economic fears fuel protests in India, France as social contract breaks down.

तो अभी क्या है कि फ्रांस में और यूरोप में जो भी हुआ है, वो यहाँ के साथ जोड़ा जा रहा है। और यहाँ का picture दिखा रहे हैं। एक नया narrative शुरू हो रहा है। अगर आप you know, in depth आपको इसको analyze करेंगे। Thank you, यह picture आपको दिखाने के लिए था। यह बात you know, we should understand कि कहाँ से खतरा आ रहा है, इसका गहराई कितना है। Picture निकाल सकते हैं। Right, तो बात यह है कि फ्रांस में किस लिए हुआ फ्रांस में, यूरोप में? क्योंकि वहाँ living standards घट गए थे। School में जो सहूलियत मिला-मिल रहा था, वो खत्म हो गया। उनका social contract टूट गया था। और यह social contract क्या चीज है? यह सबको पता होना चाहिए। Social contract के बारे में जब हम बात करते हैं, हम अमूमन communist लोगों के साथ के social contract के बारे में बात करते हैं। और China में social contract क्या है? China में social contract यह है कि यह CCP और लोगों के बीच में यह social contract है कि आप अपना liberty हमें दे दीजिए और आपको हम तरक्की दे देंगे, prosperity दे देंगे। यही उनका social contract है China में। पर फ्रांस में अलग social contract है। फ्रांस का social contract यह है कि आप हमें पैसा दे दो, आप-- हम आपको सहूलियत दे देंगे। Right? That is we will tax you and we will take on your all your expenditures for infrastructure, school वगैरह-वगैरह-वगैरह-वगैरह। फ्रांस में और तकरीबन मोटे-मोटे तौर पर अगर आप देखेंगे तो पूरा यूरोप में यह थोड़ा left winning leaning ideology है यूरोप के अंदर। और यह left leaning ideology की वजह से और कुछ ज्यादा left भी हो गया है। की वजह से यह social contract चला आ रहा था। और उसके साथ वहाँ यह African देशों से भी काफी आ गए, मुसलमान भी आ-- काफी आ गए। खास करके Spain में और फ्रांस में और Germany में। हम सबको पता है। और वहाँ दंगे फसाद हो रहे हैं। तो उनका तो societal breakdown हो रहा है। बहुत काफी दिन से लेकर सबको पता था यह। वहां का social contract break हो रहा है और यहां बताया जा रहा है कि India में social contract break हो रहा है। अब देखिए किस तरीके से इसको spin out किया जा रहा है। Okay और यह spin out किया जा रहा है पूरा China के अंदर कल यह out होगा और लोग सोच रहे होंगे कि यह और यह multiply होगा। यह multiply होगा कि भाई India में social contract बिगड़ गया है। Okay मैं थोड़ा Europe के बारे में बात करूंगा फिर यहां आऊंगा। Europe में क्यों left wing ideology है? उसका कारण है। उसका कारण simple है कि भाई you know World War Two के जमाने में Hitler और उसके जितने भी साथी थे complete extreme right wing थे। उन्होंने बहुत नरसंहार किया था Jews के साथ वगैरह वगैरह। उसके बाद इन्होंने टान लिया कि भाई हम कभी right winger नहीं बनेंगे तो left winger बन के रह गए। Same problem France में और बाकी। और अगर आप वहां देखेंगे हर देश का अलग अलग problem है। France का problem अलग है। Spain का problem अलग है। Spain का problem यह है कि उनके पास घर नहीं है housing problem है उधर। तो यह सब मेल मिलाकर अभी जो narrative फैलाया जा रहा है वह India के विपरीत फैलाया जा रहा है और यह शुरुआत है। अगर हम सोचते हैं कि हमारा यह हां यह CJP वगैरह से टल गया है पर China से नहीं टला USA से नहीं टला। और यह मैं काफी responsibility के साथ बात कर रहा हूं और यह यह भी मैं बताना चाहता हूं कि जो भी program बनाया जा रहा है और जो भी कोशिश हो रहा है वह यह नहीं कि कल यह हमारा भारत का जो प्रगति तोड़ देंगे। ना वह हो नहीं सकता। वह तो हो नहीं सकता। इनके बाप ने इनके बाप दादा आएंगे तब भी नहीं हो सकता। क्योंकि हमारा train चल चुका है। इनकी बस की बात नहीं उसको रोकने के लिए। पर इनकी बस की बात में क्या है? इनकी बस की बात में यह है कि यह जो भी हो रहा है देश के अंदर उसको control किया जाए क्योंकि उसका control करने में वह हमारा market खोल सकते हैं। और China और USA दोनों यही चाहते हैं। इसमें बात direct नहीं नहीं करेंगे पर बहुत intermediaries हैं जिसके जरिए यह बात फैला जाएगा। खासकर के अभी जो मैं देख रहा हूं वह left wing ideology ऊपर के बाहर आ रहा है। और यह एक वास्तविकता है कि हमारा काफी हद तक हमारा जो main opposition party है Congress party वह थोड़ा left wing हो गया है। Left wing होने में मेरे को कोई ऐतराज़ नहीं है। ठीक है left wing आपका ideology हो, आपका सोच विचार है। ठीक है, रही है। हमें कोई ऐतराज़ नहीं है। पर वह जो ideology जो है वह दूसरों के control में नहीं होना चाहिए और दूसरों के you know मंसूबे का शिकार नहीं होना चाहिए। उनका जो capture है वह political capture जो है ना जो try किया जा रहा है उससे मैं डर रहा हूं मैं। I don't think that's a good thing to happen in our country और खासकर के जब हमारा train चल चुका है। यह भी मैंने बता दिया। वैसे तो मेरे को पूरा विश्वास है क्योंकि यह जो हमारा देश के अंदर जागरूकता आई है बढ़ने के लिए, आगे बढ़ने के लिए, उन्नति और प्रगति करने के लिए कोई एक government का देन नहीं है। यह हमारा पूरा 1.4 billion लोगों का क्षमता है और 1.4 billion लोगों का पसीना है। खून और पसीने की बात है। उसकी वजह से हम आगे बढ़ रहे हैं। हां, यह जो हमारा अभी आज के दिन जो UPS सरकार है, उन्होंने बहुत काम अच्छा किया है। यह मैं मानता हूं। पर।

Sorry India सरकार। Sorry मैं थोड़ा I am sorry India सरकार। उन्होंने अच्छा काम किया है। हमें सराहना करना चाहिए। बहुत चीजें हैं जो पहले नहीं होते थे, अभी हो रहे हैं। बहुत चीजें भ्रष्टाचार काफी हद तक कम हो गया। public भ्रष्टाचार, party भ्रष्टाचार। वह दिन गए जो कोयला आवंटन होता था उसका अगर आपको याद है कोयला आवंटन का जो खेल यहां रच रहा था वह सब। वह दिन तो गए, उस scams गए और हमारा तरक्की हो रहा है। थोड़ा बहुत इधर उधर हो सकता है। But I am not too bothered about that। But यह जो problem अभी जो शुरू कर रहे हैं, यह इसके बारे में हमें ध्यान रखना पड़ेगा। मेरे को China से कोई खतरा नहीं है ना Pakistan। Pakistan तो ठीक है। मुनीर जाएगा Iran और football की तरह kick लेकर आएगा। उसके बारे में हम बाद में बात करेंगे। और इमरान का वह मुनीर जो है ना आजकल में उसका नाम बदलना चाहिए मुनीर football तो जहां भी जा रहा है कुछ मिल रहा है वापस आ जाता है। वह अलग छोड़ दीजिए उसको। But Pakistan से हमें कोई खतरा नहीं है। वैसे China से भी कोई border सरहद के ऊपर कोई खतरा नहीं है। But my problem is dissidents। My problem is internal security.

My problem is Manipur में जो कहानी शुरू हो गया drugs का और वहां ये सब you know it has got whole lot of layers in it.

So I think that is our bigger problem आज के दिन। Back to you this is my initial views आप भी बता सकते हैं I'm sure you have also a view on this बताइए।

देखिए, यह प्रदर्शन, protest, CJP डूबके-डूबके यह सब खत्म हो गया। But यह तो फसाद है। जो मैं बताना चाहता हूँ, यह फसाद है। अभी कुछ you know, for the past four-five months मैं बार-बार यह चीज प्रकट भी कर चुका हूँ और आज दोबारा प्रकट कर रहा हूँ। आजकल भारत का उन्नति और प्रगति में सबसे बड़ा, अ, hurdle आएगा internal issues के जरिए। और यह internal issues भी जो बाहर से आते हैं। और यह हमने देखा पिछले तीन-- दो, दो attempt हो गए हैं actually। एक तो, अ, वो exam की वजह से और उसमें तो successful हो गए कि एक मंत्री को निकाल दिया, Central Minister को। आसान बात नहीं है। और दूसरा attempt हो रहा है कि election commissioner को निकालो और कभी बोलते हैं कि भाई मोदी को निकालो, यह निकालो। इरादा बड़ा नेक है इनका। अ, नेक नहीं, बड़ा clear है इनका। Okay, इरा-- we should be very clear कि इनका इरादा क्या है। जो भी हुआ है अभी यह थोड़ा you know, it's only a setback to this system, ecosystem.

हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि यह टक-- खतरा टल गया है। खतरा नहीं टला। In fact, खतरा और बढ़ गया है। एक मैंने एक image का file है। अगर आप उसको आगे करेंगे तो मैं समझाता हूँ क्या है, क्यों है, कहानी कहाँ है यह। एक ही file है। Screenshot है एक। Right?

अगर load कीजिए। उससे मैं समझाता हूँ। यह देखिए। यह चंद एक-डेढ़ घंटे पहले की कहानी है यह। यह headline South China Morning Post से निकला है। Economic fears fuel protests in India, France as social contract breaks down.

तो अभी क्या है कि फ्रांस में और यूरोप में जो भी हुआ है, वो यहाँ के साथ जोड़ा जा रहा है। और यहाँ का picture दिखा रहे हैं। एक नया narrative शुरू हो रहा है। अगर आप you know, in depth आपको इसको analyze करेंगे। Thank you, यह picture आपको दिखाने के लिए था। यह बात you know, we should understand कि कहाँ से खतरा आ रहा है, इसका गहराई कितना है। Picture निकाल सकते हैं। Right, तो बात यह है कि फ्रांस में किस लिए हुआ फ्रांस में, यूरोप में? क्योंकि वहाँ living standards घट गए थे। School में जो सहूलियत मिला-मिल रहा था, वो खत्म हो गया। उनका social contract टूट गया था। और यह social contract क्या चीज है? यह सबको पता होना चाहिए। Social contract के बारे में जब हम बात करते हैं, हम अमूमन communist लोगों के साथ के social contract के बारे में बात करते हैं। और China में social contract क्या है? China में social contract यह है कि यह CCP और लोगों के बीच में यह social contract है कि आप अपना liberty हमें दे दीजिए और आपको हम तरक्की दे देंगे, prosperity दे देंगे। यही उनका social contract है China में। पर फ्रांस में अलग social contract है। फ्रांस का social contract यह है कि आप हमें पैसा दे दो, आप-- हम आपको सहूलियत दे देंगे। Right? That is we will tax you and we will take on your all your expenditures for infrastructure, school वगैरह-वगैरह-वगैरह-वगैरह। फ्रांस में और तकरीबन मोटे-मोटे तौर पर अगर आप देखेंगे तो पूरा यूरोप में यह थोड़ा left winning leaning ideology है यूरोप के अंदर। और यह left leaning ideology की वजह से और कुछ ज्यादा left भी हो गया है। की वजह से यह social contract चला आ रहा था। और उसके साथ वहाँ यह African देशों से भी काफी आ गए, मुसलमान भी आ-- काफी आ गए। खास करके Spain में और फ्रांस में और Germany में। हम सबको पता है। और वहाँ दंगे फसाद हो रहे हैं। तो उनका तो societal breakdown हो रहा है। बहुत काफी दिन से लेकर सबको पता था यह। वहां का social contract break हो रहा है और यहां बताया जा रहा है कि India में social contract break हो रहा है। अब देखिए किस तरीके से इसको spin out किया जा रहा है। Okay और यह spin out किया जा रहा है पूरा China के अंदर कल यह out होगा और लोग सोच रहे होंगे कि यह और यह multiply होगा। यह multiply होगा कि भाई India में social contract बिगड़ गया है। Okay मैं थोड़ा Europe के बारे में बात करूंगा फिर यहां आऊंगा। Europe में क्यों left wing ideology है? उसका कारण है। उसका कारण simple है कि भाई you know World War Two के जमाने में Hitler और उसके जितने भी साथी थे complete extreme right wing थे। उन्होंने बहुत नरसंहार किया था Jews के साथ वगैरह वगैरह। उसके बाद इन्होंने टान लिया कि भाई हम कभी right winger नहीं बनेंगे तो left winger बन के रह गए। Same problem France में और बाकी। और अगर आप वहां देखेंगे हर देश का अलग अलग problem है। France का problem अलग है। Spain का problem अलग है। Spain का problem यह है कि उनके पास घर नहीं है housing problem है उधर। तो यह सब मेल मिलाकर अभी जो narrative फैलाया जा रहा है वह India के विपरीत फैलाया जा रहा है और यह शुरुआत है। अगर हम सोचते हैं कि हमारा यह हां यह CJP वगैरह से टल गया है पर China से नहीं टला USA से नहीं टला। और यह मैं काफी responsibility के साथ बात कर रहा हूं और यह यह भी मैं बताना चाहता हूं कि जो भी program बनाया जा रहा है और जो भी कोशिश हो रहा है वह यह नहीं कि कल यह हमारा भारत का जो प्रगति तोड़ देंगे। ना वह हो नहीं सकता। वह तो हो नहीं सकता। इनके बाप ने इनके बाप दादा आएंगे तब भी नहीं हो सकता। क्योंकि हमारा train चल चुका है। इनकी बस की बात नहीं उसको रोकने के लिए। पर इनकी बस की बात में क्या है? इनकी बस की बात में यह है कि यह जो भी हो रहा है देश के अंदर उसको control किया जाए क्योंकि उसका control करने में वह हमारा market खोल सकते हैं। और China और USA दोनों यही चाहते हैं। इसमें बात direct नहीं नहीं करेंगे पर बहुत intermediaries हैं जिसके जरिए यह बात फैला जाएगा। खासकर के अभी जो मैं देख रहा हूं वह left wing ideology ऊपर के बाहर आ रहा है। और यह एक वास्तविकता है कि हमारा काफी हद तक हमारा जो main opposition party है Congress party वह थोड़ा left wing हो गया है। Left wing होने में मेरे को कोई ऐतराज़ नहीं है। ठीक है left wing आपका ideology हो, आपका सोच विचार है। ठीक है, रही है। हमें कोई ऐतराज़ नहीं है। पर वह जो ideology जो है वह दूसरों के control में नहीं होना चाहिए और दूसरों के you know मंसूबे का शिकार नहीं होना चाहिए। उनका जो capture है वह political capture जो है ना जो try किया जा रहा है उससे मैं डर रहा हूं मैं। I don't think that's a good thing to happen in our country और खासकर के जब हमारा train चल चुका है। यह भी मैंने बता दिया। वैसे तो मेरे को पूरा विश्वास है क्योंकि यह जो हमारा देश के अंदर जागरूकता आई है बढ़ने के लिए, आगे बढ़ने के लिए, उन्नति और प्रगति करने के लिए कोई एक government का देन नहीं है। यह हमारा पूरा 1.4 billion लोगों का क्षमता है और 1.4 billion लोगों का पसीना है। खून और पसीने की बात है। उसकी वजह से हम आगे बढ़ रहे हैं। हां, यह जो हमारा अभी आज के दिन जो UPS सरकार है, उन्होंने बहुत काम अच्छा किया है। यह मैं मानता हूं। पर।

Sorry India सरकार। Sorry मैं थोड़ा I am sorry India सरकार। उन्होंने अच्छा काम किया है। हमें सराहना करना चाहिए। बहुत चीजें हैं जो पहले नहीं होते थे, अभी हो रहे हैं। बहुत चीजें भ्रष्टाचार काफी हद तक कम हो गया। public भ्रष्टाचार, party भ्रष्टाचार। वह दिन गए जो कोयला आवंटन होता था उसका अगर आपको याद है कोयला आवंटन का जो खेल यहां रच रहा था वह सब। वह दिन तो गए, उस scams गए और हमारा तरक्की हो रहा है। थोड़ा बहुत इधर उधर हो सकता है। But I am not too bothered about that। But यह जो problem अभी जो शुरू कर रहे हैं, यह इसके बारे में हमें ध्यान रखना पड़ेगा। मेरे को China से कोई खतरा नहीं है ना Pakistan। Pakistan तो ठीक है। मुनीर जाएगा Iran और football की तरह kick लेकर आएगा। उसके बारे में हम बाद में बात करेंगे। और इमरान का वह मुनीर जो है ना आजकल में उसका नाम बदलना चाहिए मुनीर football तो जहां भी जा रहा है कुछ मिल रहा है वापस आ जाता है। वह अलग छोड़ दीजिए उसको। But Pakistan से हमें कोई खतरा नहीं है। वैसे China से भी कोई border सरहद के ऊपर कोई खतरा नहीं है। But my problem is dissidents। My problem is internal security.

My problem is Manipur में जो कहानी शुरू हो गया drugs का और वहां ये सब you know it has got whole lot of layers in it.

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